जबलपुर .
संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंहपुर की तीन इकाईयाें से बिजली उत्पादन ठप हो गया है। 500 मेगावाट की एक इकाई 19 अप्रैल को बंद हुई। उसके बाद 210-210 मेगावाट की तीन और चार नंबर की इकाईयां भी तकनीकी खराबी की वजह से गुरुवार को बंद हो गई। 1340 मेगावाट की कुल क्षमता वाली इस प्लांट से गुरुवार की शाम सात बजे करीब 295 मेगावाट बिजली पैदा हो रही थी। गर्मी में जब भरपूर बिजली उत्पादन की आवश्यक्ता है ऐसे में बिजली की इकाईयों में खराबी प्रदेश को मुश्किल में डाल सकता है।
ज्ञात हो कि संजय गांधी ताप विद्युत गृह की 500 मेगावाट यूनिट क्रमांक पांच में बायलर ट्यूब लीकेज हुआ था। जिस वजह से यह इकाई बंद हुई। इसमें सुधार कार्य हो पाता इससे पूर्व ही तीन और चार नंबर की 210-210 मेगावाट की इकाईयों में खराबी आ गई है। कंपनी प्रबंधन इन इकाईयों को जल्द सुधारने का दावा कर रहा है लेकिन मौजूदा हालत में ऐसा संभव नहीं दिखाई दे रहा है।
गर्मी में बढ़ जाता है लोड
बिजली की मांग सबसे ज्यादा वैसे तो रबी सीजन में होती है। इस दौरान खेतों में कृषि पंप का लोड सर्वाधिक होता है, लेकिन गर्मी के समय शहरी क्षेत्रों में बिजली की मांग बढ़ जाती है। बिजली इकाईयाें से इन दिनों में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाता है। बता दें कि जिस तरह से संजय गांधी ताप विद्युत गृह की इकाईयों में खराबी आ रही है इससे इसके रखरखाव के कार्य पर सवाल उठ रहा है। पिछले कुछ सालों में कई दफा 500 मेगावाट की इकाई के बायलर ट्यूब लीकेज की समस्या आ चुकी है।
इसके सुधार पर करोड़ों रुपये का खर्च भी हो चुका है। इसके बावजूद समस्या लगातार आ रही है। बता दें कि पूर्व में लगातार इकाईयों में खराबी आने पर ऊर्जा विभाग की तरफ से जांच कमेटी भी विशेषज्ञों की बनाई गई थी जिसकी रिपोर्ट के आधार पर कई बदलाव भी हुए थे हालांकि उसके बाद भी कोई स्थायी समाधान नहीं होता दिखाई दे रहा है।
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