कमल नाथ अधिकारियों के खिलाफ धमकाने वाली भाषा का प्रयोग न करे – CM शिवराज

राजनीती

 भोपाल.

प्रदेश में इस साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच सियासी जंग लगातार तीव्र होती जा रही है। विरोधी नेताओं पर खूब शब्‍दबाण चलाए जा रहे हैं, जिन पर उतनी ही तेजी से पलटवार भी किया जा रहा है। शुक्रवार को भी यही हुआ जब मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेशाध्‍यक्ष कमल नाथ पर आरोप लगाया कि वो अधिकारियों के खिलाफ धमकाने वाली भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। इस पर कांग्रेस ने तुरंत शिवराज का एक पुराना वीडियो ट्वीट करते हुए कहा कि धमकाने का काम दरअसल वो करते हैं।

शुक्रवार को प्रशासन अकादमी में नेशनल सिविल सर्विड डे कार्यक्रम के बाद सीएम शिवराज ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि कमल नाथ जी को पता नहीं क्या हो गया। देख लूंगा, निपटा लूंगा, आ रहा हूं..लोकसेवक को धमकाना किसी भी हालत में उचित भी नहीं है, नैतिक भी नहीं है। वो भी इंसान है उनका भी सम्मान होना चाहिए। मुंह में आया और कह दिया कि देख लूंगा। क्या देख लोगे? क्या ये भाषा उचित है। इसकी मैं निंदा करता हूं।

कांग्रेस ने किया पलटवार

मुख्‍यमंत्री का यह बयान सामने आने के बाद कांग्रेस की ओर से इस पर पलटवार किया गया। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्‍ता पीयूष बवेले ने ट्विटर पर शिवराज का एक पुराना वीडियो शेयर करते हुए लिखा- शिवराज जी, कमल नाथ अधिकारियों को धमकाते नहीं हैं, अत्याचार करने वालों को आगाह करते हैं। धमकाने का काम आप करते हैं।

न्‍यायपालिका का अपमान न करें कांग्रेस नेता

सीएम शिवराज ने सूरत कोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने से इंकार के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा और कहा – ‘कांग्रेस के मित्रों को पता नहीं क्या हो गया है। बड़ा आसान था ओबीसी से माफी मांग लेते राहुल गांधी जी! लेकिन कोर्ट के फैसले पर टिप्पणियां की जा रही हैं। सवाल उठाए जा रहे हैं, उंगलियां भी उठाई जा रही हैं। यहां तक की माननीय न्यायाधीश के बारे में भी उल्टा-सीधा बोला जा रहा है। आप एक तरफ कोर्ट में जाते हो, दूसरी तरफ कोर्ट के बारे में भी उटपटांग बोलते हो। आखिर क्या हो गया…? आप जो बोलते हो वही सच है? राहुल जी को अपनी गलती स्वीकार कर ओबीसी से माफी मांगनी चाहिए। यह लोकतंत्र है; कम से कम कांग्रेस के नेताओं को न्यायपालिका का अपमान नहीं करना चाहिए। पूरे देश का विश्वास और भरोसा न्यायपालिका पर है।

कोई कह रहा संगठन कमजोर, कोई बूथ कमजोर बता रहा

शिवराज ने कमल नाथ और दिग्‍विजय सिंह के पार्टी संगठन को लेकर दिए गए बयान पर भी चुटकी ली और कहा कि मुझे ये समझ में नहीं आता भावी मुख्यमंत्री, अवश्यंभावी मुख्यमंत्री सब हो रहे हैं, लेकिन कह रहे है संगठन कमजोर है। एक कहते है, “बूथ मजबूत है।” अब कमलनाथ जी या दिग्विजय सिंह जी कौन सही बोल रहे हैं? दोनों मिलकर फैसला करें।’

सूडान में फंसे व्यापारी को सुरक्षित निकालेंगे

सूडान में फंसे बैरागढ़, भोपाल के एक व्यापारी को लेकर सीएम शिवराज ने कहा- हमारे एक साथी सूडान में फंसे हैं। उनके लिए हम चिंतित हैं। भारत सरकार के भी संपर्क में हैं। हमारे जो अधिकारी जो दिल्ली में हमारा काम देखते हैं उनसे कहा है वे निरंतर संपर्क में रहें। मैं भी संपर्क में हूं। हम उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल कर लाएंगे।

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