नई दिल्ली
समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की मांग संबंधी याचिकाओं पर संविधान पीठ में सोमवार को निर्धारित सुनवाई रद हो गई है। शुक्रवार देर रात जारी बयान में बताया गया कि जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एस. रविंद्र भट की अनुपलब्धता की वजह से सोमवार को उक्त संविधान पीठ में सुनवाई नहीं हो सकेगी।
प्रधान न्यायाधीश भी पीठ का हिस्सा
दोनों ही न्यायाधीश उस संविधान पीठ का हिस्सा हैं, जो समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की मांग संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। इस पीठ में इन दोनों न्यायाधीशों के अलावा प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस पीएस नरसिम्हा शामिल हैं।
''अन्य मामलों के लिए हम 9:30 बजे बैठ सकते हैं''
इससे पहले दिन में जस्टिस चंद्रचूड़ ने संकेत दिए थे कि उनकी अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की पीठ सोमवार को एक घंटे पहले कार्यवाही शुरू करेगी। जस्टिस नरसिम्हा के साथ पीठ में बैठे जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा था, ‘हम थोड़ा जल्दी बैठेंगे, ताकि हम कुछ तात्कालिक मामलों को सुन सकें। संविधान पीठ को 10.30 बजे बैठना है। इसलिए अन्य मामलों के लिए हम 9.30 बजे बैठ सकते हैं।’
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