रायपुर
भाजपा से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस में शामिल होने वाले आदिवासी नेता नंदकुमार साय ने अपनी व्यथा कि कथा पत्रकारों के समक्ष बखान की। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने भारतीय जनता पार्टी की स्थापना जिस उद्देश्य व सोच को लेकर की थी उसका पूरा स्वरुप ही अब बदल गया है। अटल बिहारी को फॉलो करता था। वह भारत माता के लिए कहते थे कि भारत एक जीता जागता राष्ट्र है। अटल जी की पार्टी आज उस रूप में नहीं है। परिस्थितियां बदली हुई दिखती है।
उन्होंने कहा कि पार्टी छोडने का यह निर्णय मेरे लिए काफी कठिन और अद्वितीय निर्णय है। भाजपा का स्वरूप आज बचा नहीं है। भाजपा में मुझे किसी दायित्व में नहीं रखा गया। पद की जरूरत नहीं है, लेकिन आम लोगों का काम भी नहीं दिखता है। जनहित के काम करने के लिए समर्थ और समर्पित दल में शामिल होने का निर्णय लिया।
साय ने कहा कि अटल बिहारी को फॉलो करता था। वह भारत माता के लिए कहते थे कि भारत एक जीता जागता राष्ट्र है। अटल जी की पार्टी आज उस रूप में नहीं है। परिस्थितियां बदली हुई दिखती है। श्री साय ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के क्रियाकलापों से गांव और कस्बों की जो तस्वीरें बदली हुई दिखाई दे रही है उससे यह साफ होता है कि सरकार जमीनी स्तर पर दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है और मैं इसे काफी बारीकी से देख रहा था।
सरकार का नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी, एला न छोड़बे संगवारी का नारा दिल को छू गया और सनातन चिंतन को यहां नया स्वरूप मिल रहा है। भगवान राम के ननिहाल को संवारा जा रहा है। राम वन गमन पथ बनाया जा रहा है।
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