कानपुर.
मई के मौसम में हो रही बेमौसम बारिश से किसानों को बहुत नुकसान हो रहा है. किसानों का कहना है कि इस बार भी खेती किसानी में उनको कुछ भी नहीं बचा है. गेहूं से उम्मीद थी तो बारिश ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया है. इतना ही नहीं बारिश की वजह से गेहूं और भूसे के रेट में भी काफी इजाफा देखने को मिला है.
कानपुर और आसपास के जिलों में बीते कई दिनों से मौसम खराब है. लगातार रोजाना रुक-रुक कर बारिश हो रही है जिस वजह से खेतों में पड़ा किसान का गेहूं बारिश में भीग कर खराब हो रहा है. इसके साथ ही आंधी और तूफान में कटा हुआ खेतों में पढ़ा भूसा भी उड़ गया है. इस वजह से किसानों के सामने जानवरों के लिए चारे की भी समस्या हो गई है. किसानों का कहना है कि इस बार उन्हें गेहूं की अच्छी फसल से मुनाफे की उम्मीद थी, लेकिन बारिश ने खेल बिगाड़ दिया है. बारिश से खेत में मौजूद गेंहू काला पड़ गया है, तो तूफान में भूसा उड़ गया है. इसके अलावा जो कुछ भूसा बचा वो गीला होने के कारण सड़ने के कगार पर है.
इन फसलों को हुआ है सबसे ज्यादा नुकसान
इस बेमौसम बारिश से सबसे ज्यादा गेहूं को नुकसान पहुंचा है. इसके साथ सरसों, चना और जौ को भी नुकसान हो रहा है. साथ ही कहा कि पिछले साल भी भूसे का रेट 16 रुपये प्रति किलो तक पहुंचा था. इस वजह से जानवरों की चारे के लिए किसानों के सामने मारामारी की स्थिति थी. वहीं, इस बार फिर से मौसम की मार किसानों पर पड़ी है. ऐसे में भूसे को भी काफी नुकसान पहुंचा है. अभी जब भूसा खेतों में पड़ा है, तब बाजार में इसका रेट 8 रुपये किलो तक पहुंच गया है.
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