इस्लामाबाद
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) देशों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग में शामिल होने के लिए भारत पहुंचे हैं। एक दशक के बाद यह पाकिस्तान की ओर से की गई बड़ी यात्रा है। लेकिन पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों को यह यात्रा जले पर नमक की तरह है। पाकिस्तान के विपक्षी दल पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (PTI) ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जहर उगला है। इसके साथ ही कहा कि पाकिस्तान की विदेश नीति मर गई है।
पीटीआई के नेता फवाद चौधरी ने एक ट्वीट में कहा, 'मैं विदेश मंत्री की गोवा यात्रा की कड़ी निंदा करता हूं। यह मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी हो सकती थी। लेकिन समस्या यह है कि आप लोग मोदी के प्यार में हैं और इसलिए कश्मीरियों को कष्ट देने और मोदी की जनता को खुश करने के लिए तैयार हैं। पाकिस्तान की विदेश नीति मर चुकी है।' लेकिन ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ एक नेता का बयान है। इसका समर्थन इमरान खान की पार्टी PTI ने किया है।
अमेरिका को खुश कर रहे बिलावल
पीटीआई ने फवाद चौधरी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, 'बिल्कुल सही! बिलावल जरदारी की भारत यात्रा स्पष्ट रूप से इस बात को परिभाषित कर रही है कि पाकिस्तान की विदेश नीति अस्तित्वहीन है। यह बेहद शर्मनाक है।' पाकिस्तान की पूर्व मंत्री शिरीन मजारी ने भी एक ट्वीट कर बिलावल की यात्रा की आलोचना की है। उन्होंने लिखा, 'जैसा कि मैंने पहले बताया था कि आयातित विदेश मंत्री इजरायल और भारत पर अमेरिका को खुश करने के लिए बाजवा प्लान के प्रति अपनी वफादारी दिखाने को बेताब हैं और गोवा पहुंचे हैं।'
बिलावल को मिला समर्थन
उन्होंने आगे लिखा, 'वह एक बार फिर अफगानिस्तान की बैठक में शामिल नहीं हुए, क्योंकि वहां फोटो खिंचाने का मौका नहीं था। भारत ने द्विपक्षीय बैठकों की व्यवस्था करने से इनकार करके बेइज्जती की है, इसके बावजूद वह जाने को बेताब हैं।' हालांकि पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पीटीआई नेता शाह महमूद कुरैशी को इस यात्रा से कोई ऐतराज नहीं है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एससीओ का सदस्य है और यह बहुपक्षीय निकाय है। हमें इस मंच का इस्तेमाल अपनी बेहतरी के लिए करना चाहिए।'
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