प्रयागराज
माफिया अतीक अहमद के परिवार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. अब जेल में बंद अतीक अहमद के बेटे उमर और अली पर शिकंजा कसने की तैयारी है. वकील खान सौलत हनीफ के बयान के आधार पर अली को उमेश पाल हत्याकांड के साजिशकर्ता में शामिल किया जा सकता है. सूत्रों के अनुसार, केस डायरी में आरोपी बनाकर पुलिस जल्द अली के साजिश में शामिल होने को लेकर कोर्ट को रिपोर्ट देगी. वहीं बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम के तरफ से दर्ज कराई गई एफआईआर में पुलिस अब पीड़ित बिल्डर का कोर्ट में कलम बंद बयान कराएगी. पुलिस के सामने मोहम्मद मुस्लिम का बयान दर्ज हो चुका और अब कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने कलमबंद बयान होगा. मोहम्मद मुस्लिम ने बयान में अली और उमर के साथ असाद कालिया, एहतेशाम करीम, अजय और मोहम्मद नसरत को रंगदारी वसूली का आरोपी बताया था.
अली और उमर के खिलाफ जारी होगा वारंट
अब नैनी जेल में बंद अली पर उमेश पाल हत्याकांड में साजिश रचने और मोहम्मद मुस्लिम से रंगदारी वसूली में भी आरोपी बनाया जाएगा और उसका वारंट बनेगा. वहीं लखनऊ जेल में बंद उमर का भी मोहम्मद मुस्लिम से रंगदारी वसूली केस में वारंट बनेगा. यानी अतीक के पूरे परिवार पर कसा शिकंजा और टाइट किया जाएगा. इससे पहले अतीक और उसका भाई अशरफ मारा गया. तीसरे बेटे असद का एनकाउंटर हो गया और दो नाबालिग बेटे बाल सुधार गृह में हैं.
5 लाख का इनामी साबिर है शाइस्ता का शूटर
वहीं अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन अभी भी फरार है. यूपी पुलिस ने शाइस्ता को माफिया घोषित किया है. पुलिस की तहरीर से समझा जा सकता है कि शाइस्ता पुलिस के लिए कितनी जरूरी है, तभी तो FIR में लिखा है- माफिया अपराधी शाइस्ता परवीन और उनके शूटरों को छिपने-छिपाने में अतिन जफर के द्वारा सहयोग किया जा रहा था. यहां तक कहा गया है कि पांच लाख का इनामी साबिर ही अब शाइस्ता का शूटर है.
अब शाइस्ता बनी माफिया
अब तक शाइस्ता के लिए जो शब्द इस्तेमाल किए जा रहे थे उनमें था- गॉडमदर शाइस्ता, लेडी डॉन शाइस्ता, मास्टरमाइंड शाइस्ता, गैंगलीडर शाइस्ता. मगर अब पुलिस की तरफ से शाइस्ता के नाम के आगे माफिया जुड़ चुका है. यानी माफिया अतीक की हत्या के बाद उसकी बेगम अब पुलिस की नजर में माफिया है. वो माफिया ही नहीं यूपी पुलिस की निगाह में मोस्ट वांटेड भी है क्योंकि यूपी पुलिस को पता है.
अतिन ने किए थे कई खुलासे
अतीक के बाद शाइस्ता ने गैंग की कमान अपने हाथों में ले ली है. अतीक की तमाम जायदाद पर भी शाइस्ता धीरे-धीरे कब्जा करने में लगी है. अतीक के मददगार बिल्डर या नेता अब सीधे शाइस्ता के संपर्क में हैं. जिस एफआईआर का यहां जिक्र हो रहा है, वो 2 मई को धूमनगंज थाने में दर्ज हुई थी और वो भी असद के दोस्त अतिन जफर पर. अतिन ने उमेश पाल हत्याकांड वाले दिन असद का मोबाइल लखनऊ में यूज़ किया-
दरअसल अतिन जफर ने शाइस्ता को लेकर और कई खुलासे किए. उसके मुताबिक, शाइस्ता ने अतीक-अशरफ की मिट्टी में शामिल होने की कोशिश की थी. शाइस्ता हुलिया बदलकर कब्रिस्तान पहुंची थी मगर पुलिस को देख भाग गई. 24 फरवरी को उमेशपाल क हत्या के बाद शाइस्ता तीन बार प्रयागराज गई. पुलिस को शाइस्ता के बारे में नई-नई जानकारी तो मिल रही है लेकिन शाइस्ता नहीं मिल पा रही.
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