बच्चों में मानवीय गुण और संवेदनाएँ मनुष्यों के व्यवहार से विकसित हो सकती है: राज्य मंत्री परमार

मध्य प्रदेश राज्य

बच्चों को जीवन जीने की कला से परिचय कराने शिक्षकों को प्रशिक्षित करना कार्यशाला का उद्देश्य
जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान (वाल्मी) में शिक्षकों के लिए 6 दिवसीय कार्यशाला

भोपाल

बच्चों में मानवीय गुण और संवेदनाएँ मशीनी व्यवस्था से नहीं बल्कि मनुष्यों के व्यवहार से पैदा हो सकती है। बच्चों में श्रेष्ठ व्यक्तित्व का निर्माण शिक्षक ही कर सकता है। विद्यार्थियों को श्रेष्ठ नागरिक बनाने के लिए सर्वस्व समर्पित करने वाला शिक्षक समाज में स्वतः ईश्वर तुल्य स्थापित हो जाएगा। विद्यार्थियों में साथियों के प्रति उनके व्यवहार एवं आचरण को मानवीय मूल्य आधारित बनाना चुनौती है। शिक्षक अपने देश की परंपराओं एवं मान्यताओं को समेटे भारत केंद्रित सांस्कृतिक मूल्यों को बालकों में गढ़ कर बेटियों के प्रति श्रद्धा जाग्रत कर सकते हैं। यह बात स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) एवं सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को म.प्र. जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान (वाल्मी) भोपाल में आनंद विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग के उमंग कार्यक्रम अंतर्गत "आनंद सभा एवं सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों" पर आधारित 6 दिवसीय कार्यशाला के द्वितीय दिवस के कार्यक्रम में कही।

राज्य मंत्री परमार ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों को जीवन जीने की कला से परिचय कराने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित करना है और यह कार्यशाला इन उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित करेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप भारत केंद्रित मानबिंदुओं एवं मापदंडों के साथ भारत की गौरवशाली शिक्षा की पुनर्स्थापना का कार्य शिक्षकों के जिम्मे है। शिक्षकों के व्यवहार से ही बच्चे सीखते हैं, इसलिए भारतीय मान्यताओं, परंपराओं एवं संस्कृति समावेशी शिक्षण का आरंभ शिक्षक प्रार्थना सभा से ही करें। हमने शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए 50 घंटे की शिक्षक प्रशिक्षण नीति घोषित की है, ऐसा करने वाला प्रदेश, देश में पहला राज्य है। शिक्षकों की सुविधा के लिए हमने शिक्षक ऑनलाइन स्थानांतरण नीति का अनुप्रयोग किया है। राज्य मंत्री परमार ने कहा कि शिक्षकों की गोपनीय चरित्रावली (सीआर) निश्चित समयावधि में ऑनलाइन अग्रेषित करने के निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव न हो और उन्हें नियमानुसार पदोन्नति मिल सके।

सीईओ आनंद विभाग अखिलेश अर्गल, अपर संचालक लोक शिक्षण धीरेन्द्र चतुर्वेदी एवं अपर संचालक वाल्मी विकास अवस्थी सहित प्रदेश भर से आए सीएम राइज एवं एक्सीलेंस स्कूल के शिक्षकगण उपस्थित रहे।

 

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