आतंक के हथियार, फंड & फॉरेन कनेक्शन पर फोकस होगी जांच

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल

कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (एचयूटी) के पांच सदस्यों को हैदराबाद से भोपाल लाया जा चुका है। एटीएस की टीम ने इन्हें दो दिन पहले पकड़ा था। हैदराबाद में पकड़ाए इन पांचों का नेटवर्क विदेशों में भी है। इनके कॉल डिटेल्स के आधार पर आगे की जांच की जाएगी। इन सदस्यों पर यह भी शक है कि इन्होंने ही भोपाल के रहने वाले इस संगठन के सदस्यों को हथियार उपलब्ध कराये थे।

एचयूटी के पांचों सदस्यों को आज दोपहर बाद जिला अदालत में पेश किया जाएगा। जहां से इन पांचों को रिमांड पर लेने के लिए आवेदन किया जाएगा। बताया जाता है कि इन पांचों ने ही भोपाल में रहने वाले सदस्यों को हथियार उपलब्ध कराये थे। इन हथियारों को लेकर भोपाल के सदस्य रायसेन के गांवों में जाकर कैंप करते थे। हैदराबाद के इन पांचों में कुछ सदस्य यहां आकर पहले इन्हें ट्रैनिंग देने का काम भी करते थे। इस दौरान इनकी आन लाइन मीटिंग छिंदवाड़ा का अब्दुल करवाता था।

विदेशी नंबर भी मिले कॉल डिटेल्स में
हैदराबाद से पकड़ाए एचयूटी के पांच सदस्यों के मोबाइल फोन से इंटरनेशनल कॉल भी मिले हैं। कॉल डिटेल्स की पड़ताल एटीएस कर रहा है। इसके जरिए उनके विदेशों में भी कनेक्शन की जांच की जाएगी।

सलीम के जरिए जुड़े सभी
एचयूटी में भोपाल और हैदराबाद के लोग आपस में सलीम नाम के युवक के जरिए जुड़े। सलीम पहले भोपाल में रहता था, इसके बाद वह हैदराबाद चला गया। जहां पर वह हैदराबाद में कुछ लोगों के संपर्क में आया जो कट्टरपंथी संगठन से जुड़े हुए थे। सलीम ने उनका यहां पर संपर्क करवाया। इसके बाद उन्हें लेकर हैदराबाद से भोपाल भी आया। जहां पर इन सब की मुलाकात भी हुई।

रायसेन के जंगलों में पहुंची एटीएस
इधर रायसेन के जंगलों में हथियार चलाने की ट्रैनिंग और कैंप करने की जानकारी के बाद एटीएस की टीम जंगल में जाकर भी इनके खिलाफ सबूत जुटा रही है। बताया जाता है कि कैंप के लिए हर बार ये लोग जंगल के अंदर ही जगह बदल लेते थे, ताकि किसी को इनके मंसूबों की जानकारी नहीं लग सके। इनके पिछले कई महीनों से लगातार कैंप जंगलों में लग चुके हैं। हालांकि इन केंप की भनक न तो रायसेन पुलिस को लगी और ना ही वन महकमे को इसकी जानकारी लगी।

और भी युवाओं को जोड़ने का था प्लान
पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि वे भोपाल में कुछ और युवाओं को जोड़ने के प्रयास में भी थे। इसके लिए ये योजना बना रहे थे। इन्हें ऐसे युवा चाहिए थे, तो इनका साहित्य पढ़कर उग्र हो सकें और हथियार भी चलाने में इनको संकोच नहीं हो। ऐसे युवाओं की तलाश की जा रही थी, लेकिन यह तलाश होती उससे पहले ही एटीएस ने इनके नेटवर्क को तोड़ दिया।

हैदराबाद से एसयूटी के पांच आतंकियों को भोपाल लाया गया है। कुछ विदेशी फोन नंबरों की जानकारी मिली है। सभी आतंकियों के इंटरनेशनल कनेक्शन की जांच की जा रही है।
नरोत्तम मिश्रा, गृह मंत्री

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