नई दिल्ली
अडानी हिंडनबर्ग रिपोर्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने 2 मार्च को सेबी को अडानी ग्रुप द्वारा स्टॉक की कीमतों में हेरफेर के आरोपों की दो महीने के भीतर जांच करने को कहा था। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अडानी-हिंडनबर्ग विवाद में बड़ा निर्णय लिया था। उच्चतम न्यायालय ने नियामक तंत्र की समीक्षा के लिए अदालत ने एक विशेषज्ञ समिति गठित की थी। इसके साथ ही सेबी (SEBI) को दो महीने के अंदर जांच पूरी करने का आदेश दिया था। अदालत ने अडानी ग्रुप के मामले में नियामक ढांचे की समीक्षा के लिए एक्सपर्ट्स का एक पैनल गठित किया था।
दो महीने बीत जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई करेगा। उन्होंने सेबी को दो महीने का वक्त दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 2 मार्च को अडानी ग्रुप द्वारा स्टॉक की हेरफेर मामले की जांच करने को कहा था। सेबी, अडानी ग्रुप की तमाम यूनिट्स के वित्तीय लेनदेन और शेयर्स को अनुमति देने वाले बाजार के नियामक ढांचे की समीक्षा करेगी।
उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जेबी परदीवाला की पीठ ने एक्सपर्ट कमेटी में कई अनुभावी नाम शामिल किए हैं। यह कमेटी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एएम सप्रे की अध्यक्षता में समीक्षा करेगी।
बता दें कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट आने के बाद अडानी ग्रुप की संपत्ति में भारी गिरावट देखने को मिली थी। अडानी ग्रुप को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। साथ ही अमीरों की लिस्ट में गौतम अडानी काफी नीचे आ गए। शॉर्ट सेलर कंपनी के आरोपों की सत्यता की जांच और समीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा निर्णय लिया है। अदालत ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (Securities and Exchange Board of India) को जल्द जांच पूरी करने को कहा है।
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