ड्रग माफिया के खिलाफ एक्शन में योगी सरकार, पूरे नेटवर्क का करेगी खात्मा

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि ड्रग माफिया से जुड़े मुकदमे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाए जाएंगे। इसके लिए विशेष अदालतों का गठन होगा। ड्रग माफिया के खिलाफ पं. दीन दयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितंबर से लेकर गांधी जयंती 2 अक्तूबर तक संघन अभियान चलाया जाएगा। एनडीपीएस अधिनियम के तहत सर्वाधिक लंबित मुक़दमों वाले जिलों में विशेष न्यायालय का गठन किया जाना चाहिए। इस संबंध में शासन स्तर से आवश्यक कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को एनकॉर्ड राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में भारत सरकार व राज्य सरकार के अनेक अधिकारी शामिल हुए। विशेष बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा प्रमुख ड्रग माफिया के खात्म के लिए सख्त दिशा-निर्देश दिए गए।

ड्रग तस्करी में लिप्त लोगों की करें कुर्की

उन्होंने कहा कि ड्रग ट्रैफिकिंग के अवैध कारोबार में संलिप्त लोग समाज व मानवता के दुश्मन हैं। ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। प्रदेश में मादक पदार्थों के अवैध निर्माण, खरीद-फ़रोख़्त और ड्रग ट्रैफिकिंग के विरुद्ध अभियान को और तेज करने की जरूरत है। पुख्ता इंटेलिजेंस इकट्ठा करें, बेहतर कार्ययोजना तैयार करें और फिर पूरी तैयारी के साथ बड़ी कार्रवाई करें। जो भी व्यक्ति ऐसे असामाजिक कार्य में संलिप्त पाए जाएं, उनके खिलाफ कुर्की सहित कठोरतम कार्रवाई की जाए। ड्रग माफिया के पूरे नेटवर्क के खात्मा किया जाना आवश्यक है।

गोरखपुर में नया जोन मुख्यालय
बैठक में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, भारत सरकार (एनसीबी) द्वारा गोरखपुर में नया ज़ोन मुख्यालय बनाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यालय के भवन के लिए भूमि आदि संसाधनों की उपलब्धता प्रदेश सरकार द्वारा कराई जाएगी। राज्य सरकार ने अगस्त 2022 में 'एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स' का गठन किया था। एएनटीएफ के पास सर्च, जब्ती, गिरफ्तारी, कुर्की, अभिरक्षा, विवेचना जैसे सभी जरूरी अधिकार हैं। एएनटीएफ में अवस्थापना सुविधाओं को विस्तार देते हुए वर्तमान में गोरखपुर, मेरठ और बाराबंकी में एएनटीएफ थाने स्थापित किए गए हैं। पांच ऑपरेशनल यूनिट क्रियाशील हैं। अब अगले चरण में झांसी, सहारनपुर और गाजीपुर में भी थाने क्रियाशील किए जाएंगे।

एनकार्ड की हर महीने करें बैठक
सीएम ने निर्देश दिए कि भारत सरकार की मंशा के अनुरूप जिला-स्तरीय और राज्य-स्तरीय एनकॉर्ड की बैठक प्रत्येक दशा में हर माह होनी चाहिए। योगी ने निर्देश दिए कि संवेदनशील जिलों में सतर्कता और इंटेलिजेंस को और बेहतर करें। अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी बढ़ाई जाए। गृह विभाग के साथ-साथ नगर विकास व ग्राम्य विकास विभाग को भी इस अभियान में सहयोग करें।

वाराणसी में नशा मुक्ति के लिए हुआ बेहतर काम
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थानों में नशा मुक्ति के लिए जागरूकता बढ़ाने के लिए और बेहतर कार्य किया जाए। नशा छोड़ चुके लोगों के अनुभवों के वीडियो प्रसारित किए जाएं। उच्च शिक्षण संस्थानों में जागरूकता सामग्री का वितरण कराया जाए, कॉन्फ्रेंस के आयोजन भी होने चाहिए। अवकाश के दिनों में शिक्षकों का प्रशिक्षण भी कराया जाए। उन्होंने कहा कि नशे के आदी लोगों को नशामुक्ति की राह दिखाकर नया जीवन देते हुए उनके पुनर्वास की दिशा में वाराणसी में 'अपना घर' जैसे स्वयंसेवी, गैर सरकारी संस्थाओं ने प्रेरक कार्य किया है।

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