इंदौर
प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में कलेक्टर इलैया राजा टी की सक्रियता के चलते सीएम हेल्पलाइन में आने वाली शिकायतों के निराकरण में प्रभावी एक्शन सामने आया है और इंदौर जिला प्रदेश के टॉप 5 जिलों में शामिल हुआ है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज जन समस्याओं के निराकरण की जिलेवार समीक्षा के बाद अच्छा परफार्म करने वाले जिलों की सराहना कर इंदौर समेत अन्य कलेक्टरों को बधाई दी है।
उधर कलेक्टर ने मंगलवार की जनसुनवाई में खुद मौजूद रहकर लोगों की समस्या का निराकरण किया और शासन की ओर से आर्थिक मदद भी देने का काम किया। सीएम चौहान ने मंगलवार को समाधान आॅनलाइन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये की गई समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण हो। प्रकरणों का सकारात्मक निराकरण तय किया जाए। वन अधिकार अधिनियम के तहत सभी पात्र हितग्राहियों को पट्टों का वितरण कर दिया जाए। कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहे। अविवादित नामांतरण, बंटवारा तथा सीमांकन के प्रकरणों का भी प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाए।
दिव्यांग कोमल की मेहनत देख व्हील चेयर कम इलेक्ट्रिकल व्हीकल का आर्डर
मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर डॉ. इलैया राजा टी के समक्ष पहुंची दिव्यांग कोमल व्यास के जीवन की राह को आसान करने का काम किया गया। कलेक्टर ने कोमल को अत्याधुनिक व्हील चेयर कम इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए एक लाख रुपए स्वीकृत किए। राजवाड़ा क्षेत्र के कुवर मंडली निवासी कोमल बचपन से ही दिव्यांग और चलने फिरने में असमर्थ हैं। पिता की मृत्यु हो चुकी है। 13 साल का एक भाई और गृहिणी मां दोनों उस पर आश्रित हैं। उच्च शिक्षा के बाद वह एक प्राइवेट कंपनी में वर्क फ्राम होम भी कर रही हैं। जून महीने से वर्क फ्रॉम आॅफिस शुरू हो जाएगा। आॅफिस जाने के लिए कोई साधन नहीं है।
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