रूरल इंडस्ट्रियल पार्क बघेरा में उद्यमिता के खुले नये आयाम

छत्तीसगढ़ रायपुर

राजनांदगांव

शासन के रूरल इंडस्ट्रियल पार्क ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता के केन्द्र बन रहे हैं। शासन की रीपा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने की सोच साकार हुई है। ग्राम बघेरा के रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में उद्यमिता के नये आयाम खुले हैं और वहां विभिन्न गतिविधियों के लिए अधोसंरचना विकसित की गई है। बघेरा रीपा गौठान में रेशम धागाकरण, सिलाई यूनिट, बोरा निर्माण उद्योग संचालित है। वहीं नोट बुक ए4 पेपर, बाइडिंग सामग्री, कारपेंटर यूनिट, सीएससी सेंटर फेब्रिकेशन यूनिट, सिलाई यूनिट, मोजा यूनिट गतिविधियां संचालित होने की ओर अग्रसर है।

कलेक्टर श्री डोमन सिंह के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अमित कुमार के निर्देशन में रीपा के लिए विशेष कार्य किया जा रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजना रीपा ग्रामीण औद्योगिक पार्क अंतर्गत राजनांदगांव जिले के ग्राम बघेरा की 15 महिलाएं जो खेती किसानी, मजदूरी एवं घर का कार्य करती थी। शासन की योजनाओं से उनमें जागृति आयी है। बिहान योजना अंतर्गत महिलाओं ने एक आशावादी सोच के साथ अपने समूह को मजबूत किया। जिसके लिए ये महिलाएं रेशम धागाकरण के लिए रेशम एवं हाथकरघा विभाग से संपर्क कर प्रशिक्षण प्राप्त कर नारी शक्ति टशर सिल्क मटका स्पिनर समूह केंद्र स्थापित किया। रीपा में नारी शक्ति टशर सिल्क मटका स्पिनर समूह का गठन कर रेशम धागा निर्माण उद्योग स्थापित कर अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

राजनांदगांव के बघेरा में अन्य गतिविधियों के अलावा रेशम धागाकरण में 15 महिलाएं काम कर रही हैं। जिससे 4 लाख 50 हजार रूपए प्रोडक्शन, 3 लाख 40 हजार रूपए बिक्री एवं 1 लाख 40 हजार रूपए का लाभ हुआ है। आने वाले समय में और भी महिलाएं इस योजना से जुड़कर कार्य करेंगी। इस योजना ने ग्रामीण महिलाओं को सीधे तौर पर रोजगार उपलब्ध कराया गया है। साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भर बनने की राह में कदम बढ़ाए है। जो प्रदेश के समेकित विकास को दशार्ता है। इन महिलाओं ने रेशम धागा उत्पाद केंद्र के अतिरिक्त गौठान की भूमि पर 10 एकड़ जमीन में शहतूत की खेती के लिए वृक्षारोपण किया है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry