बेंगलुरु
बिहार की राजधानी पटना में साल 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मारने की साजिश मामले में NIA यानी नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने बुधवार को बेंगलुरु में कई जगहों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी ने दक्षिण कन्नड़ जिले में कुछ स्थानों पर दबिश दी है। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने पीएम को मारने की साजिश की थी। सरकार ने बीते साल ही संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था।
इस मामले में NIA ने पुट्टूर, कुर्नाडका, तरिपाडपू और कुंब्रा गांव से 4 संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया था। इनकी पहचान मोहम्मद हारिस, सज्जाद हुसैन, फैजल अहमद और शमसुद्दीन के तौर पर हुई थी। बीते साल प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने भी कहा था कि पीएफआई ने 21 जुलाई 2022 को पटना दौरे पर पीएम मोदी को मारने की साजिश रची थी। ED का दावा था कि पीएफआई टेरर मॉड्यूल और अन्य हमलों की तैयारी कर रही थी।
खबर है कि अधिकारी 16 स्थानों पर डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन कर रहे हैं। इस दौरान उनके साथ स्थानीय पुलिस भी मौजूद है। PFI के सदस्यों और उनसे जुड़े लोगों को घर, दफ्तर और अस्पतालों की तलाशी की जा रही है। NIA बेल्टनगाड़ी, पुट्टूर, बांटवाला, उप्पीनंगाड़ी, वेनूरा समेत 16 जगहों पर पहुंची है।
विदेशों से मिलता है पैसा!
भारत में आतंकवादी गतिविधियां चलाने के लिए पीएफआई को कथित तौर पर खाड़ी देशों से रुपया मिलता है। कहा जा रहा है कि NIA ने भारत के दक्षिणी हिस्सों से PFI के हवाला नेटवर्क को खत्म करने के लिए ये रेड की हैं। जांच एजेंसी को दक्षिण कन्नड़ PFI का नेटवर्क होने का शक है।
साल 2022 में रेड के बाद फुलवारी शरीफ इलाके से 5 लोगों को राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के चलते गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए थे। इनमें पीएफआई का मिशन 2047 भी शामिल था। कथित तौर पर इसके तहत ही पीएम मोदी को रडार पर लिया गया था।
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