दिल्ली-यूपी में होगी बारिश, बिहार में लू का अलर्ट; उत्तराखंड में भी बरसेंगे बादल

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नई दिल्ली
 ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आज भी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन राज्यों में अलग-अलग इलाकों में तेज हवाओं के संग भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है। हवा की रफ्तार 40 से 55 किमी प्रतिघंटा हो सकती है। बारिश की वजह से इन इलाकों में तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। अधिकतम तापमान जहां 35 डिग्री रहने की संभावना है। वहीं, न्यूनतम तापमान 20 डिग्री तक जा सकता है। इसके अलावा, मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बिहार और झारखंड में लू को लेकर अलर्ट जारी किया है।

बिहार में लू का अलर्ट
बिहार में सूरज के तल्ख तेवर से लोग परेशान हैं। पटना सहित राज्यभर में आसमान से दिनभर मानों आग बरस रही है। सुबह नौ बजे से गर्म हवा का प्रभाव बनना शुरू हो जा रहा है और शाम तक लू जैसे हालात रह रहे हैं। मौसम विभाग ने सूबे के पांच शहरों में लू की स्थिति घोषित की है। वहीं आठ शहरों में गुरुवार को लू का अलर्ट जारी किया है। जिन शहरों में लू घोषित नहीं किया गया है, वहां भी लोगों को दोपहर में सावधानी बरतने की अपील की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना की ओर से पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, नालंदा, खगड़िया और भागलपुर में शुक्रवार को लू की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रचंड ताप का दायरा सूबे में और बढ़ेगा। इस हफ्ते लू से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। अभी राज्य में बारिश का कोई चिह्नित सिस्टम नहीं है। अगामी शनिवार को पछुआ का प्रभाव बढ़ने से राज्य के 15 शहरों में लू की स्थिति रहेगी। जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है उनमें पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, पटना, नालंदा, शेखपुरा, खगड़िया और भागलपुर शामिल हैं।

यूपी आने से पहले खूब भटकेगा मानसून
इस बार मानसून यूपी में आने से पहले खूब भटकेगा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मई में जिस तरह पश्चिमी विक्षोभ आए हैं, इसके जून में भी आने की संभावना है और इसका असर मानसून पर पड़ना भी लाजिमी है। उत्तर प्रदेश में जुलाई के पहले हफ्ते में मानसून आने की संभावना है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार कानपुर में मानसून की उम्मीद 10 जुलाई तक है। इस साल मई में करीब 71 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। जून के पहले सप्ताह में भी पश्चिमी विक्षोभ के असर की संभावना जताई जा रही है। जून के दो सप्ताह तक विक्षोभों के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। यही नहीं, समुद्री चक्रवातों का असर भी मानसून पर पड़ता है। जून में ऐसे ही एक चक्रवात का अध्ययन किया जा रहा है जो मानसून को समय से थोड़ा पीछे धकेल सकता है।

उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड में बुधवार को कई स्थानों पर भारी बारिश हुई। इसे लेकर मौसम विभाग को दो घंटे तक रेड अलर्ट तक जारी करना पड़ा। यमुनोत्री मार्ग पर डबरकोट के पास लगातार भूस्खलन होने हाईवे बाधित हुआ है। इससे यात्रा को रोकना पड़ा है। इधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपील की है कि मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें। इधर, देहरादून में भी बुधवार दिन में दो दौर की मूसलाधार बारिश हुई। दून से सटे मालदेवता में सड़क, रास्ते और पुलिया बहने से इससे लगे इलाकों का राजधानी देहरादून से संपर्क कट गया है। नदी में पिकनिक मानने गए छह लोगों को एसडीआरएफ और पुलिस की मदद से सुरक्षित निकाला गया। डीएम सोनिका ने कहा कि नदी का जल स्तर कम होने पर यहां संपर्क मार्गों को खोल दिया जाएगा। मसूरी में भी बारिश से पर्यटकों को परेशानी उठानी पड़ी है। यहां कैम्पटी फॉल में अचानक पानी बढ़ने के बाद पर्यटकों को रोकना पड़ा।

दो दिन बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक डा.बिक्रम सिंह ने बताया कि गुरुवार और शुक्रवार को भी राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ ही आंधी चलेगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान लोगों को सतर्कता के साथ यात्रा करने का सुझाव दिया गया है। इधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से भी अपील की गई है कि लोग मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा पर जाएं। उन्होंने कहा कि सभी स्थानों पर प्रशासन को अलर्ट किया गया है। सीएम ने कहा कि चार धाम यात्रा पूरे उत्साह के साथ चल रही है। बीच-बीच में बारिश और बर्फबारी से यात्रा जरूर प्रभावित हो रही है, लेकिन मौसम के अलर्ट को देखते हुए तत्कालिक रूप से कदम उठाए जा रहे हैं।

 

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