आगरा
आगरा में शिक्षा विभाग में नई तबादला नीति के तहत ट्रांसफर प्रक्रिया चल रही है। नियम के हिसाब से केवल 10 प्रतिशत शिक्षकों का स्थानांतरण होना है। जिले में अब तक 167 शिक्षकों ने तबादले की अर्जी लगाई है। इनमें 50 प्रतिशत शिक्षकों ने असाध्य बीमारी का सहारा लिया है। खुद और परिजनों को बीमार दिखाया है। शिक्षिकाओं ने सास-ससुर की सेवा या फिर उनकी बीमारी का हवाला देकर शहर के नजदीकी स्कूलों में तबादला चाहा है। ये शिक्षक जिले के अंदर ही स्थानांतरण चाहते हैं। वहीं 70 ने जिले के बाहर जाने के लिए आवेदन किया है।
जिसमें करीब 30 फीसदी महिलाएं हैं। मां-बाप, सास-ससुर की सेवा के अलावा कुछ शिक्षकों ने स्वयं की बीमारी तो किसी ने माता-पिता की बीमारी का हवाला दिया है। गौरतलब है कि जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की काफी कमी है। जबकि कई स्कूलों में बच्चों की संख्या कम है, लेकिन वहां चार से पांच शिक्षक पदस्थ हैं।
सास-ससुर बुजुर्ग हैं, नजदीकी स्कूल दिया जाए
इधर, महिला शिक्षकों की तरफ से जितने आवेदन आए हैं, उनमें ज्यादातर ने नगरीय क्षेत्र के स्कूल की मांग की है। जबकि नगरीय क्षेत्र में इक्का-दुक्का स्कूल ही खाली हैं। एक महिला शिक्षक ने ट्रांसफर अर्जी में लिखा है कि मेरे सास-ससुर की उम्र 80 वर्ष के ऊपर है। पति बाहर प्राइवेट जॉब करते हैं। ऐसे में सास-ससुर की सेवा व देखभाल के लिए मेरा स्थानांतरण शहरी क्षेत्र में किया जाए। इसके लिए उन्होंने तीन स्कूलों के नाम भी दिए हैं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी, प्रवीण कुमार तिवारी ने कहा कि स्थानांतरण के लिए आए आवेदनों की जांच हो रही है। अभी अंतरजिला की सूची जारी हो रही है। इसके बाद जो स्कूल रिक्त होंगे उन पर जिलास्तर की सूची तैयार की जाएगी। शासन की गाइडलाइन अनुसार ही सूची जारी होगी।
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