रायपुर
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कोविन एप से डाटा लीक होने को देश की जनता के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि कोरोना की वैक्सीन लगावाने के लिए रजिस्ट्रेशन हुए। लोगों ने कोविन एप पर अपनी जानकारी भरी। अब सामने आया है कि करोड़ों लोगों का डाटा लीक हो गया है। बड़े-बड़े नेताओं का भी डाटा लीक हुआ है।
ठाकुर ने कहा कि सरकार के राज्य मंत्री कहते हैं कि ये कोविन डाटा लीक नहीं है, यह पहले कोई कोविन डाटा लीक हुआ था, वहां से आ रहा है। तो कांग्रेस पार्टी के सवाल हैं कि जो पहले का डाटा लीक जिसको अलेज्ड: ब्रीच एंड स्टोलन डाटा कहा जा रहा है, क्या उसके बारे में सरकार ने कोई कार्रवाई की थी? यह सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया कि वह कौन सा डाटा था? एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की गई? ये डाटा कहां से लीक होता है? कैसे टेलीग्राम पर सिर्फ नंबर डालने से पूरा डाटा मिल रहा है?
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लगातार देशवासियों का डाटा इक_ा करती है। इस तरह का उल्लंघन पहली बार नहीं हुआ है। वर्ष 2017 में देश के उच्चतम न्यायालय ने डाटा को राइट टू प्राइवेसी बताया था, उस राइट टू प्राइवेसी का क्या हो रहा है? तो सवाल यह है कि यह डाटा कैसे कोविन एप से लीक हुआ, किसके पास गया और सरकार की क्या जिम्मेदारी है?
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