भोपाल
चार माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव की व्यवस्थाओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि जिन मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थान पर दर्ज हैं, ऐसे लोगों पर दंडात्मक कार्यवाही की जानी चाहिए। बीजेपी ने आयोग से यह भी कहा है कि बूथ केंद्रों की दूरी 2 किमी रखने के फैसले पर पुनर्विचार कर इस दूरी को कम किया जाए क्योंकि ज्यादा दूर मतदान केंद्र बनाने से वोटर वोटिंग के लिए नहीं जाते हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को दिए गए सुझाव में कहा है कि प्रदेश के जिस भी बूथ पर 1500 से अधिक मतदाता है, वहां मतदान केन्द्रों की संख्या बढ़ाई जाना चाहिए क्योंकि हर क्षेत्र में मतदान केन्द्र के लिए भवन की पर्याप्त उपलब्धता है। बूथ केन्द्रों की दूरी 2 किलोमीटर से ज्यादा होने को लेकर कहा गया कि इस दूरी के कम होने से नागरिकों को मतदान केन्द्र तक पहुंचने में आसानी होगी जिससे मत प्रतिशत में वृद्धि होगी। बीजेपी ने आरोप लगाया कि प्रदेश भर में बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी प्राप्त नहीं की जा रही है जिससे पुनरीक्षण का कार्य पूर्ण नहीं हो रहा है।
आयोग द्वारा यह तय किया जाए कि बीएलओ अपने क्षेत्र के हर घर के मुखिया से घर के सभी मतदाताओं की जानकारी सही संकलित करें। बीजेपी के प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी, अशोक विश्वकर्मा, एसएस उप्पल ने कहा कि10 बीएलओ के कार्य को नियंत्रित करने के लिए एक पर्यवेक्षक नियुक्त होता है परंतु पर्यवेक्षक द्वारा बीएलओ के कार्यों का पर्यवेक्षण सही नहीं किया जा रहा है।
बीएलओ और पर्यवेक्षक प्रमाणिकता के साथ काम करें जिससे मतदाता सूची का शुद्धिकरण हो सके। राजनैतिक दल के बीएलए को भी बीएलओ के साथ घर-घर ले जाकर मतदाता सूची को दुरुस्त करने का काम करना चाहिए परंतु बीएलओ द्वारा पार्टी के बीएलए को सूचना नहीं दी जाती। मतदान केन्द्रों में मतदाताओं को अधिक सुविधाएं मिल सकें, इसके लिए मतदान केन्द्रों की 4 डायमेंशन फोटोग्राफी करने का सुझाव बीजेपी ने दिया है जिससे मतदान केन्द्रों तक पहुंचने वाले रास्ते, भवन की स्थिति, मूलभूत सुविधाएं जैसे पानी, टॉयलेट, दिव्यांगों के लिए रैंप आदि सुनिश्चित हो सके।
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