वाशिंगटन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत और अमेरिका की सरकारों ने दोनों देशों के व्यापारिक समुदाय के लिए जमीन तैयार कर दी है और अब इसका लाभ उठाने की जिम्मेदारी कॉरपोरेट क्षेत्र एवं प्रस्तावकों की है।
वाशिंगटन के केनेडी सेंटर में भारत और अमेरिका के शीर्ष कारोबारियों और समाज सेवियों के साथ-साथ भारतीय-अमेरिकी समुदाय के अन्य प्रमुख सदस्यों को संबोधित करते हुए मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत-अमेरिका साझेदारी सहूलियत पर नहीं, बल्कि दृढ़ विश्वास, साझा प्रतिबद्धताओं और संवेदनाओं पर आधारित है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका की उनकी पहली आधिकारिक राजकीय यात्रा के दौरान पिछले तीन दिनों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।
मोदी ने 'यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम' द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि रक्षा से लेकर विमानन, व्यावहारिक सामग्री से लेकर विनिर्माण और आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) से लेकर अंतरिक्ष क्षेत्र तक, भारत और अमेरिका अब सबसे विश्वसनीय साझेदार के रूप में आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने व्यापारिक समुदाय से आगे आने और इस अवसर का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया।
मोदी ने कहा कि भारत की हर विकास परियोजना अमेरिकी सपने को और मजबूती देने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि भारत बुनियादी ढांचे के विकास में रिकॉर्ड 125 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि भारत की विकास गाथा में अमेरिका और देश के कॉरपोरेट समुदाय के लिए असीमित अवसर हैं।
मोदी ने सभागार में मौजूद लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, ''आपके लिए, यह सबसे पहले और तेजी से आगे आकर लाभ उठाने का समय है।''
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