अमित शाह की बुलाई मीटिंग में नहीं पहुंचे एकनाथ शिंदे, शरद पवार के मराठा मंदिर के कार्यक्रम में दिखे साथ-साथ

राजनीती

नई दिल्ली

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शनिवार को मणिपुर के हालात पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बुलाई सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं हुए। इसकी बजाय वह मुंबई में एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के साथ उनकी अध्यक्षता वाली गैर सरकारी संस्था मराठा मंदिर की 75वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में दिखे। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने 45 दिनों से ज्यादा समय से हिंसा की आग में जल रहे मणिपुर के हालात पर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। यह घटनाक्रम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के राज्य जल आपूर्ति और स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटिल द्वारा पिछले गुरुवार को एनसीपी सुप्रीमो के साथ मुंबई से जलगांव तक ट्रेन यात्रा करने के एक सप्ताह बाद आया है। इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने कहा है कि खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री शिंदे को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी। सीएमओ के एक अधिकारी ने कहा, "खराब मौसम के कारण सीएम को अपना दौरा रद्द करना पड़ा और इस तरह वह दिल्ली नहीं जा सके।"

अधिकारियों ने बताया कि योजना के मुताबिक, मुख्यमंत्री शिंदे, जो पिछले तीन दिनों से सतारा जिले के अपने पैतृक गांव दारे में थे, को पुणे से सुबह करीब 10.30 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरनी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण ऐसा नहीं हो सका। अधिकारी ने कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। समारोह में सीएम शिंदे के साथ राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत और भाजपा नेता व उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल भी मौजूद थे।

शरद पवार ने मुंबई सेंट्रल के मराठा मंदिर सभागार में आयोजित कार्यक्रम में आमंत्रित करने के लिए 1 जून को मुख्यमंत्री शिंदे से उनके आधिकारिक आवास पर जाकर मुलाकात की थी। पवार का चैरिटेबल ट्रस्ट कई शैक्षणिक संस्थानों और एक अस्पताल के अलावा मुंबई में प्रतिष्ठित थिएटर मराठा मंदिर भी चलाता है। बता दें कि अप्रैल और मई में शिंदे गुट के शिवसेना नेता उदय सामंत ने शरद पवार से दो बार मुलाकात की थी और उन्हें पुलिस कार्रवाई और रत्नागिरी में प्रस्तावित तेल रिफाइनरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर सरकार के रुख से अवगत कराया था। कल की सर्वदलीय बैठक में एनसीपी का प्रतिनिधित्व करने के लिए पवार ने राष्ट्रीय महासचिव नरेंद्र वर्मा और मणिपुर एनसीपी अध्यक्ष सोराम इबोयिमा सिंह को नियुक्त किया था।

उधर, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने बताया कि पार्टी प्रमुख ने सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के लिए राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर को नियुक्त किया था। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के प्रवक्ता किरण पावस्कर ने कहा, "मुख्यमंत्री दिल्ली नहीं जा सके लेकिन स्कूली शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने उनकी ओर से सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया है।"

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry