बकरीद पर CM योगी का निर्देश, प्रतिबंधित पशु की न हो कुर्बानी, साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जाए

उत्तर प्रदेश राज्य

 लखनऊ

देशभर में 29 जून को बकरीद का त्योहार मनाया जाएगा. उत्तर प्रदेश में इसे लेकर विशेष तैयारी है. राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि राज्य में कहीं भी प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी ना दी जाए. कुर्बानी के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जाए. सीएम ने एक बैठक के दौरान कहा कि त्योहार के दौरान पुलिस शरारती तत्वों के साथ कड़ाई से निपटे. उन्होंने आगे कहा कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर कहीं भी खुले में मांस की खरीद-बिक्री न हो.

सीएम योगी के निर्देश के बाद भारतीय जनता पार्टी से MLC मोहसिन रजा का भी बयान आया है. उन्होंने कहा है कि धर्मगुरु मुख्यमंत्री के फरमान का संज्ञान लें और कहीं भी खुले में कोई जानवर नहीं काटा जाए. प्रतिबंधित जानवरों पर सरकार की एडवाइजरी का खयाल रखा जाए.

मुख्यमंत्री की निर्देश के बाद मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने भी हिदायत देते हुए ईदगाह में ही नमाज पढ़ने की सलाह दी है. उन्होंने कहा है कि सड़कों पर नमाज न पढ़ी जाए, ताकि किसी को आने जाने में दिक्कत न हो. उन्होंने ईदगाह पर नमाज अदा होने से आधा घंटा पहले आने की सलाह दी है.

सीएम योगी ने और क्या निर्देश दिए?

  • > श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए कांवड़ यात्रा मार्ग पर कहीं भी खुले में मांस आदि का खरीद-बिक्री न हो. यात्रा मार्ग पर स्वच्छ्ता-सैनिटाइजेशन बनी रहे. स्ट्रीट लाइट की सुविधा हो. गर्मी तेज है, ऐसे में मार्ग में पीने के पानी की व्यवस्था भी कराई जाए. जहां खाद्य शिविर लगें वहां खाद्य सामग्री गुणवत्ता की टीम जांच जरूर करे.
  • > बकरीद पर कुर्बानी के लिए स्थान का चिन्हांकन पहले से होना चाहिए. विवादित जगहों पर कुर्बानी नहीं होनी चाहिए. पूर्व में तय और चिन्हित स्थान के अतिरिक्त कहीं और कुर्बानी न हो. कहीं भी प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी न हो. हर जिले में कुर्बानी के बाद अपशिष्ट के व्यवस्थित निस्तारण की व्यवस्थित कार्ययोजना हो.
  • > पिछले दिनों रमजान और ईद के अवसर पर धार्मिक कार्यों से यातायात प्रभावित नहीं हुआ. इस प्रयास की पूरे देश में सराहना हुई है. इस बार बकरीद और मुहर्रम के मौके पर भी यही व्यवस्था लागू रखनी होगी. स्थानीय प्रशासन इस संबंध में संबंधित धर्मगुरुओं/बुद्धिजीवियों से संवाद करे.
  • > धार्मिक यात्राओं/जुलूसों में अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन ना हो. ऐसी कोई घटना न हो, जिससे दूसरे धर्म के लोगों की भावनाएं आहत हों. शरारती तत्व दूसरे सम्प्रदाय के लोगों को अनावश्यक उत्तेजित करने की कुत्सित कोशिश कर सकते हैं.
  • > हाल के समय में देश के कई हिस्सों में अवैध धर्मांतरण की घटनाएं प्रकाश में आई हैं. गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग/चैटिंग एप के माध्यम से किशोर बच्चों के धर्मांतरण की घटना से हम परिचित हैं. एक स्थान पर मूक-बघिर बच्चे को अवैध धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया गया. ऐसी एंटी सोशल और एंटी नेशनल घटनाओं को समय रहते नियंत्रित किया जाना बहुत आवश्यक है.

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