मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम के लिए खेलेंगे हनुमा विहारी और कुलवंत खेजरोलिया

खेल

भोपाल

मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) घरेलू क्रिकेट में सफलता के लिए दूसरे राज्यों से खिलाड़ी बुलाने जा रहा है। आंध्र प्रदेश के बल्लेबाज हनुमा विहारी और दिल्ली के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज कुलवंत खेजरोलिया अगले सत्र में मप्र से खेल सकते हैं।

मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) की चयन समिति की बैठक में दोनों खिलाड़ियों के नाम पर चर्चा हुई। एमपीसीए के सचिव संजीव राव ने बताया कि दोनों खिलाड़ी मध्य प्रदेश से खेलने के इच्छुक हैं। यह हमारी योजनाओं के लिए भी बेहतर विकल्प हैं। दोनों से अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगे गए हैं। इसके बाद इनके मप्र से खेलने का रास्ता साफ हो जाएगा।

हनुमा ने गत रणजी सत्र में 14 पारियों में 490 रन बनाए थे। वे दुलीप ट्राफी सेमीफाइनल में दक्षिण क्षेत्र की कमान संभाल रहे हैं। यह मैच अगले सप्ताह से बेंगलुरू में खेला जाएगा। हनुमा ने 24 साल की उम्र में भारत के लिए पदार्पण किया था। तब घरेलू क्रिकेट में उनका औसत 60 के करीब था। इसी साल फरवरी में इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेले गए रणजी ट्राफी सेमीफाइनल में हनुमा ने कलाई की हड्डी टूटने के बावजूद एक हाथ से टीम के लिए बल्लेबाजी की थी।

उन्हें मप्र के तेज गेंदबाज आवेश खान की गेंद से दाएं हाथ में चोट लगी थी। डाक्टरों के मना करने के बावजूद वे बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने उतरे। उन्हीं गेंदबाजों को चौके भी लगाए और 37 गेंदों का सामना कर 16 रन बनाए थे। तभी से उनकी नेतृत्व क्षमता से एमपीसीए भी प्रभावित है।

 

केकेआर से खेलते हैं खेजरोलिया

खेजरोलिया ने वर्ष 2017 में प्रथम श्रेणी पदार्पण करने के बाद दिल्ली के लिए 14 मैचों में 32 विकेट चटकाए हैं। उन्होंने अपना आखिरी प्रतिस्पर्धी मैच 23 अप्रैल को कोलकाता में केकेआर की ओर से चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ खेला था। मप्र के कोच चंद्रकांत पंडित भी केकेआर के कोच हैं।

 

तीन बाहरी खिलाड़ी हो सकते हैं शामिल

मप्र क्रिकेट टीम के नियमों के तहत दूसरे राज्य के तीन खिलाड़ी खेल सकते हैं। वर्तमान टीम में उत्तर प्रदेश के कुमार कार्तिकेय सिंह ही ऐसे खिलाड़ी हैं, जो दूसरे राज्य से आते हैं।

पहले भी खेले हैं बाहरी खिलाड़ी

मप्र ने रणजी ट्राफी का खिताब स्थानीय खिलाड़ियों के भरोसे जीता था। तब टीम में कुमार कार्तिकेय के अलावा सभी मप्र के थे। मगर अब तीन बाहरी खिलाड़ियों के आने से स्थानीय खिलाड़ियों के लिए अवसर कम होंगे। कोच चंद्रकांत पंडित भी कभी अतिथि खिलाड़ी के रूप में मप्र की कप्तानी कर चुके हैं। संदीप पाटिल, ऋषिकेश कानिटकर, टीए शेखर और सुलक्षण कुलकर्णी भी मप्र के लिए खेले हैं।

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