कानपुर
करीब तीन महीने पहले एक नोएडा से आए एक डॉक्टर की पिटाई के चलते विवादों में आया कानपुर का करौली बाबा आश्रम एक बार फिर चर्चा में है। यहां आए एक बंगाल के युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। वह आश्रम से बाहर निकला और बम्बे के पास पेड़ पर रस्सी से फांसी लगा ली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग से मौत की पुष्टि हुई है।
बली चुक्का पंजीपाणा उत्तरी दिनाजपुर पश्चिम बंगाल निवासी अजय चौहान (30) की तबीयत ठीक नहीं रहती थी। उसके शरीर में कुछ खाना पीना नहीं लगता था। मां ललिता देवी के मुताबिक उन्हें शक था कि बेटे के सिर पर साया आ गया है। लोगों ने करौली बाबा उर्फ संतोष भदौरिया के बारे में जानकारी दी और कहा कि वह भूत प्रेत भगाते हैं। इसपर वह अपने बेटे के साथ छह माह पहले आश्रम आईं थी। उस दौरान 35 हजार रुपये का एक हवन कराया था। ललिता देवी के मुताबिक इस बार वह 1 जुलाई को अजय और बेटी रीता चौहान के साथ आश्रम पहुंचीं।
आश्रम पहुंचकर पता चला कि बाबा 5 जुलाई तक व्यवस्त हैं। इसपर वह आश्रम में रुक गईं। ललिता के मुताबिक रविवार की शाम लगभग साढ़े सात बजे अजय शौच जाने की बात कहकर आश्रम से निकला। उसे रोकने का प्रयास किया गया मगर वह नहीं माना। ग्रामीणों ने सोमवार सुबह उसका शव आश्राम से आधी किमी दूर पेड़ से लटकता पाया।
पुलिस ने क्या कहा
एसीपी घाटमपुर दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि बंगाल के युवक ने आत्महत्या की है। परिजन ने किसी पर आरोप नहीं लगाया है। अगर वह कोई तहरीर लिखकर देते हैं तो उसके अनुसार जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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