भोपाल
प्रदेश की सभी जिला जेलों में अब महिला बंदी अपनी पसंद की चूड़ी-बिंदी और सुहाग की सामग्री लेकर सजधज सकेंगी। बालों के लिए शेम्पू और चेहरे ले लिए क्रीम भी वे बाहर से ले सकेंगे। वहीं पुरुष कैदी नारियल, अगरबत्ती, धूप से लेकर सलाद, नमकीन, मूंगफली दाने, गुड़ सहित कई पसंदीदा वस्तुएं इन कैंटीन से ले सकेंगे।
जिला जेलों में खुलने जा रही इन केन्टीन से कैदियों के लिए हर माह पंद्रह सौ रुपए का सामान अलग से लेने की सुविधा उन्हें प्रदाय की जाएगी। जेल विभाग द्वारा अभी केवल दो केन्द्रीय जेलों में कैंटीन का संचालन किया जा रहा है। अब प्रदेश की सभी जिला जेलों में भी केंटीन की सुविधा प्रारंभ की जाएगी। महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं अरविंद कुमार ने इसके लिए सभी जिला जेल अधीक्षकों को पत्र लिखकर जिला जेलों में कैंटीन शुरु करने को कहा है।
जांच, सुरक्षा के साथ मिलेगी सामग्री
कैंटीन के स्थान की सुरक्षा,कर्मचारी, स्टेशनरी की व्यवस्था जिला जेल को करना होगा। जेल की कैंटीन में प्रिंटेड कैरी बैग में सामग्री अष्टकोण अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारी मांगपत्र से मिलानकर कैदी को सामग्री सुपुर्द करेंगे। सामान की सघन तलाशी के बाद ही कैदियों को यह प्रदाय की जाएंगी। भेजी गई सामग्री और जमा राशि का पूरा ब्यौरा भी कैंटीन संचालक को रखना होगा।
कैदी सक्षम नहीं तो परिजन जमा कर सकेंगे पैसे
बंदियों को जेल में काम करने के एवज में मेहनताना मिलता है। यह राशि जमा होती रहती है। इसमें से वे हर माह पंद्रह सौ रुपए कैंटीन में सामान लेने में खर्च कर सकेंगे। यदि बंदी राशि जमा करने में सक्षम नहीं है तो उनके परिजन भी यहां कैंटीन से सामग्री उपलब्ध कराने के लिए पंद्रह सौ रुपए हर माह जमा करा सकेंगे। कैंटीन से माह में अधिकतम चार बार सामग्री ली जा सकेगी। एक बार में अधिकतम 375 रुपए की सामग्री ली जा सकेगी।
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