लखनऊ
गेमिंग ऐप से धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने सरगना शाहनवाज उर्फ बद्दो पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाने की बात कही थी, लेकिन अब पुलिस ने बद्दो से पहले अब्दुल रहमान पर एनएसए लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। अब्दुल रहमान संजयनगर सेक्टर-23 स्थित धार्मिक स्थल की इंतजामिया कमेटी का पूर्व सदस्य था और वह नाबालिगों को धार्मिक स्थल में अपने धर्म के रीति-रिवाज करने के लिए प्रेरित करता था।
राजनगर निवासी उद्योगपति ने 30 मई को कविनगर थाने में केस दर्ज कराया था कि उनके बेटे का धर्म परिवर्तन करा दिया गया है। ऑनलाइन गेमिंग के जरिये उनके बेटे की पहचान मुंबई निवासी बद्दो से हुई थी। बद्दो ने उसका ब्रेन वॉश कर उसे इस्लाम धर्म कबूलने के लिए प्रेरित किया। बेटा जिम जाने के नाम पर दिन में पांच बार घर से निकलता था। शक होने पर उन्होंने पीछा किया तो वह संजयनगर सेक्टर-23 स्थित मस्जिद में नमाज पढ़ता मिला। बेटे का मोबाइल और लैपटॉप खंगालने पर उसमें इस्लाम धर्म से जुड़ी तथा कुछ कानून विरोधी सामग्री भी मिली। उद्योगपति ने बेटे को देश विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल करने की आशंका जताते हुए बद्दो तथा सेक्टर-23 स्थित धार्मिक स्थल के इमाम के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
पुलिस ने पहले अब्दुल रहमान को जेल भेजा और फिर महाराष्ट्र से बद्दो को गिरफ्तार किया। बद्दो का पाकिस्तानी कनेक्शन सामने आया था। रिमांड पर पूछताछ में उसमे धर्मांतरण कराने तथा पाकिस्तानी कनेक्शन की बात कबूल की थी।
किसी भी आरोपी पर पुलिस तब तक एनएसए की कार्रवाई नहीं कर सकती, जब तक कि वह कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल नहीं करता। शाहनवाज उर्फ बद्दो ने अभी कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल नहीं की है। लिहाजा उस पर एनएसए नहीं लगाया जा सकता। अब्दुल रहमान ने जमानत अर्जी लगा दी है। लिहाजा पुलिस ने उस पर एनएसए लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। अब्दुल रहमान की जमानत अर्जी पर 10 जुलाई को सुनवाई होगी।
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