रेल यात्रियों के लिए गुड न्यूज, 25% तक कम होगा किराया

देश

नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने सभी ट्रेनों के एसी चेयरकार व एक्जीक्यूविटी श्रेणी में अधिकतम 25 फीसदी तक किराया कम करने का फैसला किया है। युक्तिसंगत किराया नीति के तहत ट्रेनों में यात्रियों की क्षमता के अनुसार बेसिक रेल किराया पांच से अधिकतम 25 फीसदी तक कम किया जा सकता है। किंतु यह स्थायी नहीं होगा। ट्रेनों में यात्रियों की क्षमता बढ़ जाती है तो इस छूट को वापस भी लिया जा सकता है। यह जोनल रेलवे के अधिकार क्षेत्र में होगा।

रेलवे बोर्ड ने शुक्रवार को सभी 17 जोनल रेलवे को इस बाबत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें उल्लेख है कि वंदे भारत, शताब्दी, अनुभूति, विस्टाडोम कोच वाली सभी ट्रेनों (सिटिंग) के एसी चेयरकार व एक्जीक्यूटिव श्रेणी में किराया पांच से अधिकतम 25 फीसदी की कम करने की जरूरत है। जोन के प्रधान मुख्य वाणिज्यक प्रबंधक को यह अधिकार होगा कि वह किस ट्रेन में बेसिक रेल किराया में कितनी छूट देगा। रेल किराए में आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट सरचार्ज, जीएसटी जैसे अन्य अलग के शुल्क यथावत रहेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया ट्रेन में यात्रियों की संख्या के आधार पर किराए में छूट दी जाएगी। इसके लिए जोनल रेलवे 30 दिन के दौरान 50 फीसदी से कम यात्री क्षमता वाली श्रेणी व ट्रेन का चयन करेंगे।

अधिकारी ने बताया कि यह आदेश तुरंत लागू कर दिया गया है। जिन रेल यात्रियों ने एडवांस टिकट बुक कर लिए हैं उनको छूट का लाभ नहीं मिलेगा। आदेश में स्पष्ट है कि युक्तिसंगत किराया नीति ट्रेनों यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए लागू की जा रही है। यदि ऐसी ट्रेनों में यात्रियों संख्या 90 से 100 फीसदी हो जाती है तो जोनल रेलवे किराया छूट को वापस ले सकते हैं। यह नीति एसी के श्रेणी 1, 2 व 3 सहित स्लीपर श्रेणी में लागू नहीं होगी। इसके अलावा छुट्टियों या त्योहारों के सीजन में चलाई जाने वाली विशेष ट्रेन पर यह योजना लागू नहीं होगी।

वंदे भारत ट्रेनों को सफल बनाने की कवायद
भारतीय रेल की सबसे लोकप्रिय व प्रीमियम वंदे भारत ट्रेनों को सफल बनाने के लिए रेलवे बोर्ड ने युक्तिसंगत किराया नीति के तहत एसी चेयरकार व एक्जीक्यूटिव श्रेणी में किराया में अधिकतम 25 फीसदी तक छूट देने का फैसला किया है। विदित हो कि कई रेलमार्गो पर शताब्दी एक्सप्रेस, जनशताब्दी जैसी लोकप्रिय ट्रेनों का किराया वंदे भारत की अपेक्षा सस्ता है। जबकि समय की बचत महज 30 मिनट से दो घंटे की है। इसके चलते रेल यात्री वंदे भारत से सफर नहीं कर रहे हैं। इसमें विशेषकर भोपाल-इंदौर, नागपुर-बिलासपुर, भोपाल-जबलपुर आदि वंदे भारत ट्रेनों में यात्रियों की क्षमता 21 से लेकर 55 फीसदी तक है। यानी वंदे भारत की लगभग 50 फीसदी सीटें खाली जा रही है। युक्तिसंगत किराए से वंदे भारत ट्रेनें फुल चलेंगी।

जोनल रेलवे को तय करना है
रेलवे बोर्ड के युक्तिसंगत किराया नीति से एसी-चेयरकार में 500 किलोमीटर की दूरी के सफर में बेसिक फेयर में 95 से 110 रुपये प्रति यात्री कम हो जाएगी। जबकि 1000 किलोमीटर के सफर में 120 से 140 रुपये तक कम होंगे। हालांकि यह जोनल रेलवे पर निर्भर करता है कि किराया कितना कम करना है। यह व्यवस्था एक साल तक के लिए लागू रहेगी।

वीवीआई रेल यात्रियों को छूट का लाभ नहीं
रेलवे के आदेश में स्पष्ट है कि युक्तिसंगत किराया नीति का लाभ विधायक, सांसद अथवा पूर्व प्रतिनिधियों को नहीं मिलेगा। उनको पूरा किराया देना होगा। इसमें पीटीओ, स्वतंत्रता सेनानी, रेल रियायत पास पर सफर करने वाले भी शामिल होंगे।

 

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