कांकेर
पखांजूर थाना अंर्तगत कृषि प्रधान पिव्ही 120 एवं 35 नंबर में रायपुर से आकार पिक-आप वाहन में नकली डीएपी. खाद शासकीय दर से 2-3 सौ रुपए कम दर पर मात्र 1100 रुपया में बेचा जा रहा था, जिसके बाद आज ग्रामीणों ने नकली खाद होने का संदेह होने पर ग्राम सेवक के माध्यम से इसे जप्त करवाकर जांच के लिए भेजा गया है। इस संम्बध में पखांजूर के कृषि विकास अधिकारी नाव्लुराम नेताम ने भी कहा कि प्रथम दृष्टया खाद नकली प्रतीत होता हैं, खाद मालिक मौके से फरार है, पिक-आप वाहन के ड्राइवर को खाद के साथ पकड़ा गया हैं, खाद की जांच की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कृषि प्रधान पखांजूर इलाके में खाद की अधिक मांग का फायदा उठाने के लिए प्रति वर्ष किसानो के साथ ऐसे ही नकली खाद खपाने का प्रयास किया जाता है, परिणामस्वरूप अंचल के किसानो की फसल बर्बाद हो जाती हैं। इस अंचल के लोगों में निर्मल बिस्वास, रतन राय, माधव ढाली, जयदेव बड़ाई, समीर राय, तरोक मंडल, विरेन पडोई, नरेन् पडोई का कहना है कि प्रति वर्ष ऐसे ही खाद, धान बीज, मक्का बीज, तमाम कृषि सामग्री का कालाबाजारी किया जाता हैं। लेकिन स्थानीय प्रशासन को इससे साबक लेकर किसानो को सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में कोई काम नही करती हैं। एसे फजीर्वाड़ा करने वालो को हम लोग पकड़कर उन्हें सौंप देते हैं। बाद में मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है।
इसी कड़ी में ग्राम पिव्ही 35 में एक पिकअप वाहन में खाद लाकर किसानो को शासकीय दर से 2-3 सौ रुपए कम दर पर प्रति बोरा 1100 रुपये में लुभा रहा था, जब लोगों को संदेह हुआ तो खाद बोरे को खोलकर देखा गया तो खाद पानी में नही घुल रहा था, जिसके बाद नकली खाद होने का संदेह और ज्यादा पुख्ता होने पर इसकी जानकारी ग्राम सेवक को देकर जांच करवाया गया, पखांजूर से आये हुए अधिकारियों ने इसकी जप्ती बनाकर खाद नकली है या असली इसकी जांच के लिए भेजा दिया गया है।
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