मंगलुरु
कर्नाटक के मत्स्य पालन, बंदरगाह और अंतर्देशीय जल परिवहन मंत्री मंकल सुब्बा वैद्य ने कहा कि तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) के तहत मंजूरी मिलने में देरी होने के कारण केंद्र सरकार द्वारा कर्नाटक में स्वीकृत 26 समुद्री परियोजनाएं अटकी हुई हैं। ये सभी परियोजनाएं सागरमाला योजना के तहत स्वीकृत की गई थीं।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की राज्य इकाई द्वारा आयोजित पहले कर्नाटक बंदरगाह सम्मेलन में वैद्य ने कहा कि निवेशक समुद्री परियोजनाओं में निवेश के लिए आगे आए हैं, लेकिन केंद्र द्वारा नियमों में कुछ छूट की घोषणा के बावजूद सीआरजेड के तहत मंजूरी मिलने में बाधाएं आ रही हैं।
मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत उत्तर कन्नड़ जिले के मवीनाकुर्वे में एक बंदरगाह विकसित करने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि कारवार में जल्द ही एक छोटा, तैरने वाला जेटी (जलबंधक) बनाया जाएगा। इसके अलावा, मंगलुरु में भी एक तैरने वाला जेटी बनाने का प्रस्ताव है।
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