नई दिल्ली
यमुना में जल स्तर बढ़ने के कारण दिल्ली में बाढ़ जैसे हालात हैं। लाल किला से लेकर आईटीओ तक युमान का पानी फैल चुका है। इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पिछले निमंत्रण को याद किया है। उन्होंने कहा कि वह केजरीवाल के घर जाने के लिए तैयार हैं, लेकिन अबी तक कोई निमंत्रण नहीं मिला है। उन्होंने कहा, "मैं अभी भी निमंत्रण का इंतजार कर रहा हूं। छह महीने हो गए हैं। अगर आज निमंत्रण आता है, तो मैं उनके घर जाने के लिए तैयार हूं।" आपको बता दें कि शुक्रवार को दिल्ली के सिविल लाइंस में केजरीवाल के घर के पास भी जलजमाव हो गया।
असम में एक लाख लोगों के बाढ़ से प्रभावित होने पर हिमंत सरमा ने कहा, "दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में शहरी बाढ़ आती है। गुवाहाटी में भी शहरी बाढ़ आती है। हम सभी के अपने-अपने मुद्दे हैं, लेकिन जिस माहौल में एक मुख्यमंत्री दूसरे राज्यों का उपहास करते हैं उसे बदलना चाहिए। असम में बाढ़ की स्थिति तब और खराब हो गई जब भूटान ने असम सरकार को सूचित करने के बाद कुरिचू बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ दिया।''
आपको बता दें कि 13 जुलाई को यमुना के जल स्तर ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए और पानी राजधानी में प्रवेश करना शुरू कर दिया। हिमंत सरमा ने एक ट्वीट किया जिसे बाद में उन्होंने हटा दिया। हिमंत ने ट्वीट किया था "राष्ट्रीय टेलीविजन पर दिल्ली की वर्तमान स्थिति देखने के बाद मैं अपने शहर गुवाहाटी में अधिक सहज महसूस करता हूं। मैं उनके काम को देखकर डरता हूं।"
असम AAP इकाई ने ट्वीट पर नाराजगी जताई। पार्टी ने कहा कि अगर हिमंत बिस्वा सरमा बाढ़ के दौरान भी दिल्ली जाते हैं, तो उन्हें बेहतर प्रबंधन, शासन और राहत कार्य मिलेंगे। आप के राजेश शर्मा ने कहा, "यह प्राकृतिक आपदा के साथ-साथ भाजपा की प्रतिशोध की राजनीति है। जानबूझकर दिल्ली की ओर अनियंत्रित पानी छोड़ा गया।"
केजरीवाल बनाम हिमंत बिस्वा सरमा
केजरीवाल और हिमंत बिस्वा सरमा की लड़ाई महामारी के दौरान शुरू होती है। दिल्ली के पूर्व मंत्री मनीष सिसोदिया ने सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां को असम में पीपीई किट विवाद में घसीटा। रिनिजी ने सिसोदिया के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया। सिसोदिया इन दिनों जेल में हैं। इसके बाद केजरीवाल और हिमंत सरमा के बीच नौकरी के दावों को लेकर लड़ाई हुई। केजरीवाल ने कहा कि वह हिमंत सरमा को दिल्ली के स्कूलों और अस्पतालों के दौरे पर ले जाना चाहेंगे। इस पर हिमंत ने कहा कि वह निमंत्रण स्वीकार करते हैं लेकिन वह उन जगहों पर जाएंगे जहां वह जाना चाहते हैं, न कि जहां केजरीवाल उन्हें ले जाना चाहते हैं।''
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

