मुंबई
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता राज्य के लोगों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना है और सरकार बलिराजा (किसानों) और आम लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।
शिंदे विधानमंडल के मानसून सत्र की तैयारी के लिए कल रात सह्याद्री गेस्ट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल, कृषि मंत्री धनंजय मुंडे, वन, सांस्कृतिक मामले एवं मत्स्य पालन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटिल, स्कूल शिक्षा एवं मराठी भाषा मंत्री दीपक केसरकर भी उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि मानसून सत्र से आम जनता को जो उम्मीदें हैं, उसे ध्यान में रखते हुए आम जनता के हित में फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि लोक कल्याणकारी राज्य की संकल्पना को साकार करने के लिए सरकार पिछले वर्ष में विभिन्न पहलों को क्रियान्वित किया था और महत्वाकांक्षी पहल 'शासन आपके द्वार' (सरकार आपके द्वार) योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचा रही है। उन्होंने कहा, “इस पहल से अब तक 70 लाख लोग लाभान्वित हुए हैं।”
उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है और मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से जरूरतमंदों को 86 करोड़ रुपये वितरित किये गये हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी लोगों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। उन्होंने बताया कि राज्य में सात सौ स्थानों पर 'बाला साहेब अपाला दवाखाना' शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि 'लेक लड़की' योजना के माध्यम से बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहित करना, महिलाओं के लिए राज्य सरकार की बसों (एसटी) में यात्रा पर 50 प्रतिशत की छूट और 75 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुफ्त एसटी यात्रा भी काफी सफल रही है। उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधाओं के सशक्तिकरण के साथ-साथ प्रदेश के तीव्र विकास के लिए अनेक बुनियादी ढांचागत परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य अधिक से अधिक संख्या में परियोजनाएं लाने की कोशिश कर रही है और उसे केंद्र सरकार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरा समर्थन मिल रहा है।
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