नई दिल्ली
संसद के मानसून सत्र का आज से आगाज होने वाला है। सत्र के पहले दिन ही सरकार और विपक्ष के बीच मणिपुर हिंसा और दिल्ली अध्यादेश मामले में टकराव की आशंका जताई जा रही है। उधर, मोदी विरोधी विपक्षी पार्टियों के एकजुट होने के बाद सरकार को घेरने की रणनीति भी बना ली गई है। अब देखना यह होगा कि संसद सत्र सुचारू रूप से चल पाता है या नहीं। मणिपुर में दो महिलाओं के निर्वस्त्र घुमाने के मामले में केंद्र सरकार भी एक्शन मोड में आ गई है। सरकार ने वीडियो पर सोशल मीडिया पर रोक लगा दी है। वहीं, घटना का मुख्य आरोपी भी पकड़ा गया है।
संसद सत्र से पहले पीएम मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हम संसद में हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार हैं। पीएम ने मणिपुर में महिलाओं के वीडियो पर भी बयान दिया। पीएम ने कहा कि इस घटना से मैं बहुत दुखी हूं। हम दोषियों को बख्शेंगे नहीं।
विपक्ष पर बरसे प्रह्लाद जोशी
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संसद सत्र से पहले कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि सदन चले, इसलिए वे पहले से ही कैविएट ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने मणिपुर पर चर्चा की मांग की और जब हमने इसके लिए हां कहा, वे नए-नए बहाने ढूंढ रहे हैं।
खरगे बोले- हम मणिपुर में हिंसा और बर्दाश्त नहीं करेंगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राहुल गांधी ने मणिपुर जाकर लोगों से बात की और हमारी पार्टी ने मणिपुर का दौरा किया है, हम हिंसा और बर्दाश्त नहीं करेंगे। खरगे ने कहा कि हम मणिपुर पर चर्चा चाहते हैं और चर्चा के बाद हम यह भी चाहते हैं कि सरकार विपक्षी नेताओं को वहां ले जाए, लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं।
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