भोपाल
प्रदेश के 1336 यूजी कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए विद्यार्थी 2 से 3 विषयों में दांव लगा रहे हैं। वे मेडिकल, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, लॉ सहित अन्य प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश लेने यूजी की सीटों को ब्लाक कर रहे हैं। अभी तक दो लाख चार हजार विद्यार्थियों ने अपनी सीटें पर प्रवेश लिए हैं। अभी भी करीब चार लाख सीटें रिक्त हैं।
प्रोफेशनल कोर्स की काउंसलिंग का कार्यक्रम तय नहीं
मेडिकल, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, लॉ सहित अन्य प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश लेने के लिये विद्यार्थियों ने नीट, जेईई मैंस, क्लेट सहित अन्य प्रवेश परीक्षाएं होना शेष है। प्रोफेशनल कोर्स की काउंसलिंग का कार्यक्रम ही तय नहीं हुआ है।
उन्हें भय है कि उन्हें प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश नहीं मिलता, तो वे उच्च शिक्षा विभाग के बेहतर कालेज में भी प्रवेश लेने से वंचित रह जाएंगे। इसलिए उन्होंने यूजी की सीटों को ब्लाक करना शुरू कर दिया है। यही कारण है कि अभी तक दो लाख विद्यार्थियों का प्रवेश हुआ है। प्रवेश प्रक्रिया में बने रहने के लिये प्रथम काउंसलिंग के बाद प्रथम सीएलसी में अपनी पसंद की सीट पर अलाटमेंट मिलने के बाद विद्यार्थियों ने प्रवेश लेना उचित नहीं समझा।
अभी तक करीब एक लाख पचास हजार विद्यार्थी ऐसे थे, जिन्हें प्रथम च्वाइस के हिसाब से कालेज आवंटित किये गये थे। उन्होंने अब अंतिम राउंड में भी दांव लगाना शुरु कर दिया है। इसके तहत विभाग ने उन्हें अलाटमेंट भी किया जाएगा। प्राचार्यों को विभाग ने डाटा मिलने के बाद अंतिम सीएलसी की मेरिट जारी करेगा।
नहीं मिलना चाहिए प्रवेश
शिक्षाविदों का कहना है कि सीटों को ब्लाक करने वाले विद्यार्थियों पर विभाग को कार्रवाई करना चाहिए। क्योंकि उनके कारण दूसरे विद्यार्थी प्रवेश से वंचित बने रहते हैं। वे मेरिट में अपना स्थान नहीं बना पाते हैं। प्रथम राउंड में प्रथम च्वाइस पर प्रवेश नहीं लेने पर उन्हें काउंसलिंग से ही बाहर करना देना चाहिए। उन्हें सीएलसी के आखिरी राउंड में सप्लीमेंट्री विद्यार्थियों के साथ प्रवेश देने की व्यवस्था करना चाहिए। इससे प्रवेश को बेसब्र विद्यार्थी अपने पसंदीदा कालेज में प्रवेश ले सकेंगे।
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