उज्जैन.
उज्जैन में शुक्रवार देर रात से शुरू हुई तेज बारिश ने शहर के साथ महाकाल मंदिर में भी पानी घुस गया। यहां शयन आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में मौजूद थे। बारिश का पानी मंदिर के नंदी हाल ओर गणेश मंडपम तक पहुंच गया। वहीं, शहर में सड़क के नाले भी उफान पर आ गए हैं। कई जगहों पर घरों और दुकानों में भी पानी घुस गया है। तेज और भारी बारिश को देखते हुए उज्जैन कलेक्टर ने स्कूलों की 1 से 12वीं तक छुट्टी घोषित कर दी। शहर में बने गाम्भीर डेम के भी एक गेट को आधा खोल दिया गया। मौसम विभाग ने आज भी उज्जैन जिले सहित कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
शुक्रवार रात 10:30 बजे गरज बरस के साथ करीब आधे घंटे तक भारी बारिश हुई। शहर की सड़कें, नालियां और घरों में पानी भर गया।निचले इलाके और चौराहे जलमग्न हो गए। इस मानसून में पहली बार उज्जैन में इतनी तेजी से बारिश हुई है। इस दौरान शहर के मुख्य चौराहे एटलस चौराहा,केडी गेट नीलगंगा,गदा पुलिया, दुर्गा कॉलोनी, चामुंडा माता चौराहा लक्ष्मी नगर गोपालपुरा फ्रीगंज सहित सड़कों और घरों और दुकानों में में जल जमाव की स्थिति बन गई। बारिश का पानी कई कॉलोनी में घरो में घुस गया।
भारी बारिश को देखते हुए उज्जैन कलेक्टर ने रात में ही 12वीं तक के स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। वेधशाला के राकेश गुप्ता के अनुसार भारी बारिश का दौर आने वाले दिनों में भी बना रहेगा। वहीं, शहर में बने गंभीर डेम में भी बारिश के करण पानी भरने पर डेम का तीन नंबर का गेट आधा खोल दिया गया है। गौरतलब है कि सावन महा चल रहा है और उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। वहीं दूसरी ओर महाकाल विस्तारीकरण के फेस 2 का कार्य चल रहा है। ऐसे में पानी भरने से श्रद्धालुओं को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने शनिवार को शहर सहित उज्जैन जिले में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अशोक शुक्ला ने बताया शुक्रवार सुबह 8 बजे तक डेम का लेवल 1425 एमसीएफटी था, जो कि रात तक बढ़कर 2010 एमसीएफटी हो गया। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. आरपी गुप्त ने बताया अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की ओर से दो सिस्टम बने हुए हैं। इससे शनिवार से आगामी तीन-चार दिनों तक इसी तरह बारिश होने की स्थितियां बनी रहने की संभावना है।
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