प्रयागराज
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में उमेश पाल और दो सरकारी गनर शूटआउट केस में फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (एफएसएल) की रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, उमेश पाल और दोनों सरकारी गनर अतीक अहमद की ही पिस्टल से मारे गए थे. उमेश पाल के शरीर में फंसी गोलियों और घटनास्थल से बरामद खोखों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. अब एफएसएल की इस रिपोर्ट से साफ हो गया है कि ऑटो कोल्ट पिस्टल से ही उमेश पाल की हत्या की गई थी.
यह पिस्टल अतीक का बेटा असद चला रहा था. जानकारी के मुताबिक, अतीक और अशरफ को रिमांड पर लेकर पुलिस ने कसारी मसारी में नाटे तिराहे के पास दबिश दी थी. खंडहर नुमा मकान में छुपा कर रखी गई कोल्ट पिस्टल वहीं से बरामद की गई थी. इसकी एफएसएल रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जिससे साफ हो गया है कि उसी पिस्टल से चली गोलियां उमेश पाल और दोनों सरकारी गनर को लगी थीं.
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि विजय चौधरी उर्फ उस्मान ने 32 बोर की पिस्टल से उमेश पाल को पहली गोली मारी थी. बता दें, विजय चौधरी एनकाउंटर में मारा गया था. पुलिस को उसके पास से पिस्टल बरामद हुई थी. उस पिस्टल को जांच के लिए एफएसएल भेजा गया था. एफएसएल लैब ने रिपोर्ट दी है कि विजय के पास से बरामद पिस्टल से ही उमेश पाल की गर्दन और अन्य जगहों पर गोली लगी थी. वहीं, अरबाज के पास से बरामद पिस्टल से भी उमेश और गनर पर फायरिंग की पुष्टि हुई है.
FSL रिपोर्ट मानी जाती है अहम
बता दें, शूटर्स को सजा दिलाने के लिए एफएसएल की रिपोर्ट सबसे अहम मानी जाती है. हालांकि, उमेश पाल शूटआउट केस में अब तक अतीक के बेटे असद समेत चार आरोपी एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं. वहीं, अतीक अहमद और अशरफ की हत्या की गई थी. जबकि, 5-5 लाख के तीन इनामी शूटर बमबाज गुड्डू मुस्लिम, साबिर और अरमान फरार हैं. केस में नामजद माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन भी फरार है.
उमेश पाल शूटआउट केस में फरार शाइस्ता परवीन पर 50 हजार का इनाम घोषित है. केस में कई अन्य आरोपी भी वांटेड हैं जिनकी तलाश हो रही है.
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