नईदिल्ली
अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत दिल्ली के जिन तीन स्टेशनों को चुना गया है, उनमें दिल्ली कैंट भी शामिल है। इस योजना के तहत स्टेशन पर न सिर्फ नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी, बल्कि एंट्री और एग्जिट भी इस तरह से बनाई जाएगी कि लोगों को रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में दिक्कत नहीं होगी। रेलवे के सूत्रों का कहना है कि अभी इस स्टेशन पर सबसे बड़ी दिक्कत यात्रियों के आने और वहां से बाहर जाने की है। इस प्लान में इन समस्याओं को दूर किया जाएगा।
स्टेशन आना-जाना बड़ी चुनौती
दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन ऐसी जगह पर है, जिसके पास ही रेलवे ट्रैक के ऊपर फ्लाईओवर बना हुआ है। ऐसे में धौला कुआं की ओर से जाने वाले यात्रियों को अपनी गाड़ी से फ्लाईओवर के नीचे से होकर जाना होता है। नीचे से जाने वाली सड़क बेहद छोटी है। इसी तरह से हरि नगर डिपो की ओर से स्टेशन पहुंचने वालों को फ्लाईओवर से उतरते ही यूटर्न लेना पड़ता है। इससे एक ही सड़क पर आने और जाने वाले ट्रैफिक का दवाब होता है। स्टेशन के बाहरी हिस्से में इतनी जगह नहीं है कि गाड़ियां आसानी से यू टर्न ले सकें। इसके अलावा यहां अतिक्रमण की भी दिक्कत है।
1KM का एलिवेटिड रोड बनेगा
इस योजना के तहत दिल्ली कैंट समेत देश के 500 से अधिक स्टेशनों के रीडिवलेपमेंट का काम शुरू किया जाएगा। रेलवे सूत्रों का कहना है कि दिल्ली कैंट स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट को आसान बनाने के लिए जेल रोड फ्लाईओवर के साथ ही एक किलोमीटर का एलिवेटिड रोड बनाया जाएगा, जो यू शेप का होगा। इससे यात्री सीधे स्टेशन तक पहुंच सकेंगे। लोग सीधे गाड़ी से रेलवे स्टेशन के ऊपर ही उतरेंगे और वहां से फिर प्लैटफॉर्म के लिए नीचे आएंगे। ऊपरी हिस्से में ही कॉनकोर्स भी बनेगा। गाड़ियां खड़ी करने के लिए पांच फ्लोर की अलग पार्किंग भी बनाई जाएगी। इसके साथ ही हाइटेक टॉयलेट, वेटिंग रूम और फूडकोर्ट भी बनाए जाएंगे।
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