कोटेश्वर
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं की बयानबाजी तेज हो गई है. साथ ही कई नेता अपने-अपने तरीके से अपनी मांगें पार्टी आलाकमान तक पहुंचा रहे हैं. इस बीच कांग्रेस विधायक और पूर्व वन मंत्री उमंग सिंघार ने अपने एक बयान से प्रदेश का सियासी पारा बढ़ा दिया है. दरअसल एक कार्यक्रम में उन्होंने मध्य प्रदेश में आदिवासी को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर दी है. सिंघार के बयान से सियासी हलचल तेज हो गई है.
'आदिवासी समाज का हो मुख्यमंत्री'
दरअसल, उमंग सिंघार धार जिले के बदनावर के कोटेश्वर और बोरदा में विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने टंट्या मामा की मूर्ति का अनावरण किया. इस कार्यक्रम में संबोधन के दौरान कांग्रेस विधायक ने मध्य प्रदेश में आदिवासी को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग उठाई. हालांकि उन्होंने ये साफ कर दिया कि वे उनकी बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनके समाज में से ही किसी को सीएम बनाया जाना चाहिए.
'मैं डरने वाला नहीं हूं'
कार्यक्रम में भाषण के दौरान सिंघार ने कहा, "मैं आप लोगों से कहना चाहता हूं कि जब तक मध्य प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री नहीं बनेगा तब तक घर नहीं बैठना है. मुख्यमंत्री हमारे समाज का आदिवासी बनना चाहिए." पूर्व मंत्री ने आगे कहा मैं नेताओं का चहेता नहीं हूं. मैं आदिवासियों का चहेता हूं. मैं समाज की बात करता हूं. आपके हक की बात करता हूं, इसलिए कई नेताओं को मिर्ची लगती है. मैं डरने वाला नहीं हूं." उमंग सिंघार ने बीजेपी को घेरते हुए कहा, "मुझ पर न जाने कितने केस लगा दिए हैं लेकिन मैं डरने वाला आदमी नहीं हूं. जंगल का शेर हूं. मुझे शिकार करना आता है."
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