एक्टर नहीं क्रिकेटर बनना चाहते थे उत्कर्ष शर्मा

मनोरंजन

मुंबई

उत्कर्ष शर्मा को एक्टर बनने का कोई शौक नहीं था। यह उनके पिता अनिल शर्मा की मजबूरी थी, जिसकी वजह से वे फिल्मों में आएं। दरअसल डायरेक्टर अनिल शर्मा को तारा सिंह और सकीना के बच्चे के रोल के लिए कोई चाइल्ड आर्टिस्ट नहीं मिल रहा था। वे काफी ज्यादा परेशान हो गए थे। तब अमीषा पटेल की नजर उत्कर्ष पर पड़ी और उन्होंने अनिल शर्मा को उन्हें कास्ट करने को कहा। पिता की परेशानी देख उत्कर्ष भी रोल करने को राजी हो गए। उत्कर्ष ने कहा कि उन्हें एक्टर बनने की बिल्कुल इच्छा नहीं थी। वे एक्टर नहीं बल्कि क्रिकेटर बनना चाहते थे।

उत्कर्ष स्कूल में अपनी पहचान छिपाते फिरते थे
उत्कर्ष ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा- बचपन में मुझे फिल्में करने का कोई शौक नहीं था। मुझे लाइमलाइट में रहना भी पसंद नहीं था। मैंने अपने स्कूल में कितने दिनों तक यह बात छिपाई थी कि गदर वाला बच्चा मैं ही था। सिर्फ मेरे कुछ चुनिंदा दोस्तों को पता था कि मैंने फिल्म में काम किया है। मैं एक्टर नहीं, क्रिकेटर बनना चाहता था। कुछ दिन बाद फिल्म में बच्चे वाला हिस्सा शूट होना था। पापा को कोई चाइल्ड आर्टिस्ट नहीं मिल रहा था। उत्कर्ष ने आगे कहा- अमीषा पटेल मेरे घर पर रिहर्सल के लिए आती थीं। उन्होंने और एक लाइन प्रोड्यूसर ने पापा से कहा कि वे मुझे क्यों नहीं कास्ट करते। मैंने तुरंत मना कर दिया। हालांकि तभी मैंने पापा के चेहरे पर परेशानी देखी। फिल्म की शूटिंग एक मुश्किल जगह पर होने वाली थी। कोई भी पेरेंट अपने बेटे को वहां जाने की परमिशन नहीं दे रहा था। तब मेरी मां ने कहा कि सिर्फ तुम ही हो जो अपने पापा की मदद कर सकते हो। थक-हार मैंने हां बोल दिया। हालांकि मुझे यह नहीं पता था कि सुबह उठकर ट्रेनिंग और दौड़ना पड़ेगा।

उत्कर्ष ने कहा कि उन्हें काफी वक्त तक गदर के इम्पैक्ट के बारे में पता नहीं चला था। हालांकि उन्हें आभास हो गया था कि फिल्म ने असाधारण प्रदर्शन किया है। उत्कर्ष के मुताबिक, फिल्म री-रिलीज हुई और 20 साल बाद भी भारी संख्या में लोग थिएटर्स आए, यह देख कर उन्हें एहसास हो गया कि गदर क्या चीज थी। गदर के वक्त तो उत्कर्ष काफी छोटे थे, इसलिए उन्हें अपने साथी कलाकारों के साथ काम करने का उतना बेहतर अनुभव नहीं मिला होगा। हालांकि अब वे इस बारे में खुलकर अपनी बात रख रहे हैं। सनी देओल के साथ काम करने कैसा रहा। इस पर उत्कर्ष ने दैनिक भास्कर को बताया- देखिए, सबसे पहले तो मैं सनी सर का फैन हूं। उनके साथ काम करना अच्छी बात रही। उन्हें टेक्नोलॉजी और नए-नए गैजेट्स का बड़ा शौक है। उनके बारे में यह बातें जानकर बहुत अच्छी लगा। वे सेट पर होते हैं, तो चाहते हैं कि हर कोई अपना 100% दें। वे इस बात में विश्वास करते हैं कि सभी 100% देंगे, तभी अच्छी चीज बनेगी। वे बहुत मोटिवेटिंग और इंस्पायरिंग हैं। उनके साथ काम करने में बहुत मजा आया। फैन के तौर पर उन्हें देखकर पॉजिटिव फीलिंग आती है।

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