पंजाब
हिमाचल में लगातार बारिश से पंजाब में एक बार फिर से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। भाखड़ा और पोंग बांध का जलस्तर बढ़ने से कई गांव जलमग्न हो गए। पौंग बांध से लगभग 1 लाख 50 हजार क्यूसिक पानी छोड़ने के कारण ब्यास दरिया में स्थिति बहुत ही खराब हो गई है। इन सबको देखते हुए प्रशासन ने ब्यास नदी किनारे के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है।
पता चला है कि ब्यास दरिया का धुसी बांध टूट गया है, जिस कारण गांव दाहूवाल, जगतपुर, और टांडा के कई इलाके पानी पानी हो गए है। इससे लोगों का जीवन बुरी तरफ प्रभावित हो गया है और सहमे लोग घरों में फंस गए है, जिसकी तस्वीरें भी सामने आई है। श्री आनंदपुर साहिब के निचले इलाकों में पानी भरना शुरू हो गया है। शाहपुर बेला गांव के लोग पानी से घिर गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार भाखड़ा का जलस्तर कल शाम तक 1678 फीट तक पहुंच गया था, जो खतरे के निशान से महज 2 फीट नीचे था।
नंगल के नजदीकी गांव भलान, भनाम, जिंदवाड़ी, ध्यान बेला, भलड़ी, एल्गरा शाहपुर बेला, नानगरा, गोल्हनी के अलावा अन्य दर्जनों गांव जोकि सतलुज नदी के करीब रहते हैं, खतरे में आ गए हैं। इन गांवों के लोग अपने घर खाली करने और अपने परिवार को आवश्यक घरेलू सामान और दुधारू जानवरों के साथ गांव से बाहर रहने के लिए मजबूर हो गए हैं। बताया जा रहा है कि कई गांवों का संपर्क टूट गया है, जिस कारण प्रशासन और कई अधिकारी वहां पहुंच नहीं पा रहे है। फिलहाल मौके पर NDRF टीम द्वारा रेस्कयू ऑपरेशन जारी है।
बता दें कि आज दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बैठक बुलाई है, जिसमें कई अधिकारी और मंत्री शामिल रहेंगे। बताया जा रहा है कि आवारा पशुओं के इंतजाम को लेकर चर्चा होगी।व हीं शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि भाखड़ा बांध में ज़्यादा पानी की आवक/बढ़ोत्तरी के कारण दरिया के साथ लगते हमारे कई गांवों बेला धियानी, भलान, भनाम, जिंदवड़ी, दसग्राईं, निक्कुवाल जोल, प्लासी, चांदपुर, बुर्ज, हरिवाल, मेहंदली कलां, हरसा बेला, गोहलनी में पानी आने के कारण काफी नुकसान हुआ है।
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