मुंबई
पुराने दौर में हर कलाकार का अपना एक अंदाज रहा है। कोई अक्खड़ तो कोई खुशमिजाज रहा है। कोई अपनी एक्टिंग को लेकर पजेसिव रहा है तो किसी का अंदाज मस्तमौला रहा है। कुछ ऐसे भी स्टार रहे हैं जो अपनी एक्टिंग से ज्यादा अपनी पर्टिकुलर स्टाइल की डायलॉग डिलेवरी और अपने अक्खड़पन के लिए हिट हुए हैं।
राजकुमार का नाम भी ऐसे ही सितारों में शामिल हैं, जिनसे काम करवा पाना टेढ़ी खीर हुआ करता था। राजकुमार से जुड़े एक से बढ़कर एक किस्से फेमस हैं, जिनमें से एक किस्सा उनकी मौत से भी जुड़ा हुआ है। ये फिल्म ‘मरते दम तक’ का किस्सा है। जिसे खुद इस फिल्म के डायरेक्टर मेहुल कुमार ने एक बार साझा किया था। मेहुल कुमार के मुताबिक, फिल्म में उनके मरने और शव यात्रा निकलने का सीन था। इस सीन के बीच अचानक राजकुमार ने मेहुल कुमार को बुलाया। उस वक्त दोनों अच्छे खासे दोस्त भी हुआ करते थे। राजकुमार ने मेहुल कुमार से कहा कि वो उनके गले में फूलों की माला भी पहना दें और श्रद्धांजलि दें। क्योंकि, अब शायद मिलना न हो सके।
राजकुमार ने अपनी जिंदगी के आखिरी दो साल गले के कैंसर से लड़ते हुए बिताए। लेकिन वो चाहते थे कि इस बारे में ज्यादा लोगों को पता न चल सके। इसलिए मौत से पहले ही उन लोगों के नाम की लिस्ट तैयार कर दी थी जो उनके अंतिम वक्त के साथी बन सकते थे। डायरेक्टर मेहुल कुमार के मुताबिक, मरते दम तक की शूटिंग पूरी होने के बाद अचानक एक दिन उनके पास राजकुमार के घर से फोन आया। उनकी पत्नी ने बताया कि राजकुमार अब इस दुनिया में नहीं रहे। जिसे सुनकर मेहुल कुमार को ये अहसास हुआ कि राजकुमार को अपनी मौत का अंदाजा हो चुका था।
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