भोपाल
प्रदेश मेें आवासीय योजनाओं के लिए जमीन को लेकर किसानों से अनुबंध करने वाले बिल्डरों को अब इस एग्रीमेंट का रेरा में पंजीयन कराना अनिवार्य नहीं होगा। वाणिज्य कर विभाग ने इस शर्त को हटा दिया है। वाणिज्यिक कर विभाग ने एक अप्रैल 2023 से यह प्रावधान किया था कि आवासीय परियोजनाओं के लिए किसानों से जमीन का अनुबंध करने वाले डेवलपर को इस अनुबंध को भी रेरा में पंजीकृत कराना होगा। जबकि रेरा में परियोजना का पंजीयन होता है इस तरह के अनुबंध के पंजीयन का कोई प्रावधान नहीं है। इससे डेवलपरों को दिक्कत आ रही थी। इसलिए वाणिज्य कर विभाग ने आवासीय परियोजनाओं में डेवलपर और किसानों के बीच होंने वाले अनुबंध को रेरा में पंजीयन कराने की शर्त को समाप्त कर दिया है। यह प्रावधान एक अप्रैल 2023 से ही लागू होंगे।
यह था प्रावधान
पहले किसान और डेवलपर के बीच आवासीय परियोजना के बीच अनुबंध कराने जमीन की कीमत ढाई प्रतिशत राशि के स्टाम्प पर अनुबंध कराना होता था। उसे ढाई से घटाकर डेढ़ प्रतिशत किया गया था। बाद में यह प्रावधान किया गया कि इसके लिए जमीन मालिक और डेवलपर के बीच होंने वाले अनुबंध में डेवलपर के हिस्से में आने वाली जमीन के पांच प्रतिशत स्टॉप डयूटी देना होता था। इस पंजीयन को रेरा में पंजीकृत कराना जरुरी होता था। इसमें दिक्कत आ रही थी। रेरा में इस तरह के पंजीयन का प्रावधान नहीं था। इसलिए पंजीयन की शर्त समाप्त कर दी है।
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