खाली बोरा के बाद कबाड़ बेचेंगे स्कूलों के शिक्षक, शिक्षा विभाग के नए आदेश का विरोध

राज्य

 पटना

खाली बोरा के बाद अब सरकारी स्कूलों के मास्टर साहब कबाड़ भी बेचेंगे। इसको लेकर बिहार शिक्षा विभाग की ओर से कबाड़ के सामानों की दर तय की जाएगी। यह दरें जेई (जूनियर इंजीनियर) एवं सहायक अभियंता तय करेंगे। लकड़ी, लोहे व चदरा प्लास्टिक के कबाड़ सहित अनुपयोगी पेपर व कार्टन की दर प्रति किलोग्राम की दर से निर्धारित होगी। यही नहीं इन्वर्टर, पुराना कम्प्यूटर, बिजली सामग्री, पुराना पंखा, बैट्री, पुराना बर्तन भी तय दर पर बेचना होगा। बिक्री की राशि विद्यालय कोष में जमा करते हुए उसकी सूचना अधिकारियों को देनी होगी। मामले की पुष्टि अररिया के डीईओ राज कुमार ने भी की है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक के निर्देश के बाद विद्यालयों में पड़े अनुपयोगी सामान, कार्यालय उपस्कर, पुराने कंप्यूटर फर्नीचर आदि की नीलामी के लिए सामग्रियों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। प्राप्त सूची के आधार पर नीलामी के लिए सामग्रियों की दर जेई एवं सहायक अभियंता निर्धारित करेंगे। जिले के सभी मध्य, माध्यमिक व उच्चतर मावि के एचएम व प्रभारी एचएम को निर्देश अनुपालन की हिदायत दी गई है। विभाग के इस आदेश पर शिक्षक संघों ने नाराजगी जताते हुए इस निर्णय को वापस लेने की मांग की है।

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अब्दुल कुद्दुस ने कहा अब स्थिति यह हो गई कि हेडमास्टर व शिक्षकों को बच्चों की पढ़ाई छोड़कर हर काम करना होगा। अन्य शिक्षक संघों ने भी शिक्षा विभाग से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

शिक्षा विभाग के नए फरमान से एचएम में नाराजगी
शिक्षा विभाग के नए फरमान से शिक्षक संघों के साथ-साथ हेडमास्टरों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है। अलग-अलग स्कूलों के एचएम का कहना है कि आखिर हमलोग भी इंसान हैं, कोई जिन्न नहीं। प्रतिदिन नये-नये फरमान का कैसे पालन करें। खाली बोरा बेचने के आदेश के बाद अब कबाड़ भी बेचना होगा। पहले से ही एमडीएम का सब्जी, अंडा और फल खरीदते रहे हैं। इसी दिन के लिए हमलोगों ने शिक्षक की नौकरी की थी क्या।  

अनुपयोगी सामानों की होगी नीलामी
इस बाबत एसएसए के सहायक अभियंता आशुतोष कुमार ने बताया कि सभी एचएम व प्रभारी एचएम से कहा गया है कि वे अपने-अपने यहां के अनुपयोगी सामानों की सूची बनाकर बीईओ को दें। इसके बाद जेई के साथ मिलकर इन सामानों की दर निर्धारित की जाएगी। इसके बाद संबंधित एचएम इन अनुपयोगी सामानों की नीलामी करेंगे।

जिला शिक्षा पदाधिकारी राज कुमार ने बताया कि विभागीय निर्देश के आलोक में विद्यालयों में पड़े अनुपयोगी सामान, कार्यालय उपस्कर, पुराने कंप्यूटर फर्नीचर आदि की नीलामी के लिए सामग्रियों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जेई एवं एई इन अनपुयोगी सामानों का वेल्यूशन करेंगे। बिक्री की राशि विद्यालय कोष में जमा करते हुए एचएम को इसकी सूचना देनी होगी।

 

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