नई दिल्ली
वैश्विक ऊर्जा दक्षता समाधान कंपनी ऋषभ इंस्ट्रूमेंट्स लिमिटेड ने हा कि उसने अपने 491 करोड़ रुपये की आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए प्रति शेयर 418-441 रुपये का मूल्य दायरा तय किया है। कंपनी ने घोषणा की कि उसका आरंभिक सार्वजनिक निर्गम अभिदान के लिए 30 अगस्त को खुलेगा और एक सितंबर को बंद होगा।
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) के अनुसार, आईपीओ में 75 करोड़ रुपये तक के इक्विटी शेयरों और इसके प्रवर्तक समूह के शेयरधारकों तथा एक मौजूदा निवेशक द्वारा 94.3 लाख इक्विटी शेयर की बिक्री की पेशकश (ओएफएस) शामिल है। कंपनी अपने आईपीओ के जरिए प्राइस बैंड के निचले और ऊपरी स्तर पर क्रमश: 469.10 करोड़ रुपये और 490.78 करोड़ रुपये जुटाएगी।
''गुरुग्राम की कई प्रौद्योगिकी कंपनियां लंदन में खुद को स्थापित करने को इच्छुक''
नई दिल्ली
लंदन फॉर बिजनेस के डिप्टी मेयर के कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गुरुग्राम की कई प्रौद्योगिकी कंपनियां लंदन में खुद को स्थापित करने को इच्छुक हैं।
बी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर लंदन एंड पार्टनर्स के 'कंट्री डायरेक्टर' (भारत) एवं वरिष्ठ नेतृत्व टीम के सदस्य हेमिन भरूचा ने कहा कि उद्यम पूंजी वित्तपोषण की उपलब्धता से लेकर वैश्विक मांग आदि लंदन की ओर आकर्षित होने का प्रमुख कारण हैं।
लंदन एंड पार्टनर्स ब्रिटेन की राजधानी की व्यापार व व्यवसाय वृद्धि एजेंसी है जो लंदन के मेयर के तत्वावधान में संचालित होती है।
भरूचा ने स्वीकार किया कि स्टार्टअप के लिए कोष पहले की तरह अब आसानी से उपलब्ध नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों) के साथ काम करती है क्योंकि ''बड़ी कंपनियों की या तो पहले से ही लंदन में मौजूदगी है, या वे एक बड़ी परामर्श कंपनी का खर्च उठा सकती हैं।''
भरूचा ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘हम देखते हैं कि गुरुग्राम वास्तव में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी), स्थिरता और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। ये बहुत बड़े क्षेत्र हैं… हम एआर और वीआर में कुछ रचनात्मक कंपनियां भी देख रहे हैं।''
उन्होंने कहा कि निवेशकों द्वारा जांच अधिक गहन हो गई है, जिसकी ''बहुत जरूरत'' है क्योंकि बहुत सारे निवेशकों ने अपना पैसा खो दिया है।
भरूचा ने कहा, ‘‘हम हर कंपनी को लंदन आने के लिए नहीं कहते क्योंकि अगर वे तैयार नहीं हैं, तो वे वहां जाकर असफल हो जाएंगे। यह उनके और हमारे लिए भी एक समस्या है।''
दुनिया भर में आर्थिक मंदी के असर के बारे में भरूचा ने कहा कि एक वैश्विक शहर होने के नाते लंदन वैश्विक झटकों से अछूता नहीं रह सकता।
लंदन एंड पार्टनर्स को आंशिक रूप से ग्रेटर लंदन अथॉरिटी (जीएलए) और अन्य वाणिज्यिक उद्यमों द्वारा वित्त पोषित किया जाता है।
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