भोपाल
तीन दिन से चल रही शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद और चर्चाओं को आखिर शनिवार की सुबह विराम लग गया। शिवराज सिंह चौहान ने अपने मंत्रिमंडल में विस्तार करते हुए गौरीशंकर बिसेन, राजेंद्र शुक्ल और राहुल सिंह लोधी को जगह दी है।
तीनों को राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने आज सुबह 8:45 बजे पर राजभवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। बिसेन और शुक्ल को कैबिनेट मंत्री जबकि लोधी को राज्यमंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही अब शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट में मंत्रियां की संख्या उनके सहित 34 संख्या हो गई है।
गौरीशंकर बिसेन सबसे सीनियर
गौरीशंकर बिसेन सात बार के विधायक हैं और दो बार लोकसभा के सदस्य रहे हैं। वे पहला चुनाव 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर लड़े थे, लेकिन पहला चुनाव हार गए थे। इसके बाद उन्होंने वे 1998 में भाजपा से उम्मीदवार बने यह चुनाव भी वे हार गए थे। इसके बाद वे पहली बार 1985 में बालाघाट सीट से विधायक चुने गए। 1990, 1993 में भी वे विधायक रहे। इसके बाद उन्हें 1998 में लोकसभा में भेजा गया। इसके बाद वे 2003 में फिर से विधायक बने, लेकिन फिर उन्हें लोकसभा चुनाव लड़वा दिया गया। वे लोकसभा चले गए। इसके बाद वे 2008 से लगातार बालाघाट सीट से विधायक हैं।
राजेंद्र शुक्ल 4 बार रहे विधायक
राजेंद्र शुक्ल चौथी बार के विधायक हैं। वे पहला चुनाव 2003 में रीवा विधानसभा से जीते थे। तब उन्होंने बसपा के लेखन सिंह को हराया था। इसके बाद 2008 और 2013 के चुनाव में भी उन्होंने कांग्रेस को तीसरे नंबर पर धकेल दिया था। इसके बाद पिछले चुनाव में उनके मुकाबले में कांग्रेस ने अभय मिश्रा को यहां से उतारा था। अभय मिश्रा को राजेंद्र शुक्ला ने 19 हजार वोटों से हराया था।
राहुल लोधी पहली बार के विधायक
राहुल लोधी पहली बार 2018 में चुनाव खरगापुर लड़े और चुनाव जीते, शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल में पहली बार के विधायक को मंत्री भी पहली बार ही बनाया गया है। राहुल लोधी पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे हैं। इससे पहले वे युवा मोर्चा में भी रह चुके हैं।
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