ग्वालियर
स्वच्छ भारत मिशन के तहत दिए जाने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए मध्य प्रदेश के चार गांव का चयन किया गया है। राज्य सरकार ने इनका चयन कर इनके नाम भारत सरकार को भेजे है। भोपाल, ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर के गांव के नाम को शामिल गया है। भारत सरकार की स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण की टीम अब जल्द ही इन चारों गांव में आकर वास्तविकता को परखेगी। खास बात ये है कि राष्ट्रीय पुरस्कार की इस परीक्षा में पास होने के लिए राज्य सरकार ने अल्प समय में इन चारों गांवों की काया पलट दी है। प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद स्वच्छता की परीक्षा में पास होने के लिए प्रशासनिक अमले इन गांव में घर-घर स्वच्छता अभियान डेरा डाल दिया है।
ये हैं चार गांव
भारत शासन द्वारा हर साल स्वच्छता को बढावा देने के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण किया जाता है। इसी के क्रम में वर्ष 2023-24 के लिए मध्य प्रदेश के चार गांव के नाम भारत सरकार को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए भारत सरकार को भेजे गए है। इनमे भोपाल का आदमपुर छावनी, इंदौर का मांगलिया सड़क, जबलपुर का कुंडम और ग्वालियर के घाटीगांव ब्लॉक में आने वाले बरई गांव का नाम शामिल है। भारत सरकार की टीम विभिन्न पैरामीटर पर परीक्षण करने के लिए इन चारों गांव में कभी भी आ सकती है।
ये है योजना
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। योजना का मकसद स्वच्छता के क्षेत्र में हर संभव प्रयास कर ग्रामीण क्षेत्र को स्वच्छ बनाना है। इस योजना के अन्तर्गत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, सूखा एवं गीला कचरे का प्रबंधन, गंदे पानी का प्रबंधन, फीकल स्लज प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए कार्य किए जाते है।
ग्वालियर के घाटीगांव ब्लॉक में आने वाले बरई गांव का नाम राष्ट्रीय पुरुस्कार के लिए चयानित है। हम लगातार गांव में साफ सफाई व निरीक्षण कर रहे है। भारत सरकार की टीम अगले कुछ दिनों में कभी भी आकर स्थिति को देख सकती है।
विवेक कुमार, जिला पंचायत सीईओ ग्वालियर
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