कोटा में किस तरह रुकेगा खुदकुशी का सिलसिला, कमिटी ने बताए उपाय; 15 दिन में सरकार को रिपोर्ट

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 कोटा

 राजस्थान के कोटा में सुसाइड के मामले को लेकर प्रमुख शासन सचिव शिक्षा भवानी सिंह देथा ने कोचिंग संस्थानों, हॉस्टल एसोसिएशन,पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वीसी के जरिए बैठक की। बैठक में स्टेट लेवल कमेटी ने स्टूडेंट सुसाइड के मामलों पर नाराजगी जताई और कोचिंग संचालकों से बच्चों के सुसाइड करने के कारण पूछे। बैठक में सुसाइड के तात्कालिक कारण तलाशने व लॉन्ग टर्म स्टेप को लेकर चर्चा हुई। राज्य स्तरीय समिति की बैठक में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करने पर चर्चा की गई। स्टेट लेवल कमेटी के सदस्य 2 सितंबर को कोटा आएंगे। उल्लेखनीय है कि इस साल आत्महत्या के 23 मामलों में से पांच अगस्‍त के हैं। अगले दो महीने तक कोचिंग में कोई भी टेस्ट, कोई भी एग्जाम नहीं होगा।

समिति 15 दिन में सरकार को देगी रिपोर्ट

समिति की बैठक में जिला प्रशासन ने कई निर्णय लिये। अब हर बुधवार को आधे समय के लिए ही कोचिंग कक्षाएं लगेंगी, बाकी समय मनोरंजक गतिविधियां होंगी। इसके साथ ही सचिव ने कोचिंग संचालकों से आत्महत्या रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में पूछा।राज्य स्तरीय समिति के सदस्य 2 सितंबर को कोटा जाएंगे। बैठक में जिला परिषद के सीईओ, अतिरिक्त कलक्टर, पुलिस अधिकारी, मनोचिकित्सक एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि सीएम गहलोत ने सुसाइड के कारणों का पता लगाने और रोकथाम के लिए आईएएस भवानी सिंह देथा की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है। समिति 15 दिन में सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी।

स्टेट लेवल कमेटी के सदस्य 2 सितंबर को कोटा आएंगे

वीसी के बाद मीडिया से बातचीत में कलेक्टर ओपी बुनकर ने कहा कि कोटा में एक दिन में दो स्टूडेंट के सुसाइड के बाद अलार्मिंग स्थिति बन गई है। ऐसी क्या परिस्थितियां हो गईं कि बच्चे सुसाइड कर रहे हैं। प्रिंसिपल सेक्रेटरी हायर एजुकेशन की अध्यक्षता में स्टेट लेवल कमेटी ने कोचिंग संचालक, हॉस्टल एसोसिएशन, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारों के साथ बैठक की। बैठक में तय किया गया कि स्टेट लेवल कमेटी के सदस्य 2 सितंबर को कोटा आएंगे। कोटा में मीटिंग रखी गई है। कलेक्टर ओपी बुनकर ने कहा कि किसी ने भी गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं किया है। सभी बच्चों को वीकली ऑफ मिल रहा था।

मीटिंग में ये हुए फैसले

अगले दो महीने तक किसी भी कोचिंग में कोई भी टेस्ट, कोई भी एग्जाम नहीं होगा। इससे बच्चों में टेस्ट का डर खत्म हो जाएगा।हर बुधवार को हाफ टाइम ही क्लास लगेगी। बाकी हाफ टाइम में पढ़ाई की जगह फन होगा। इससे स्टूडेंट को स्ट्रेस कम होगा।स्टूडेंट के स्ट्रेस को कम करने के लिए किसी अच्छे वक्ता या मोटिवेटर की ऑन लाइन क्लास करवाकर उसका वीडियो यूट्यूब पर डालना होगा। ताकि उसका लाभ सभी को मिल सके। कोचिंग संचालक इस पर सहमत हुए। कोचिंग में कोर्स कम करने को लेकर भी संचालकों से बात की गई। सभी इंस्टीट्यूट वालों से सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स के नाम मांगे गए। सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स की कमेटी बनाकर स्टूडेंट के लिए कोर्स कम करने का सुझाव लिया जाएगा।जो बच्चे डाउटफुल हैं। जो एग्जाम में नहीं बैठे या को परफॉर्म कर रहे हैं, लगातार एब्सेंट हो रहे हैं। ऐसे बच्चों को आईडेंटिफाई करके साइकोलॉजिस्ट के माध्यम से काउंसिलिंग करवाई जाएगी। एक गूगल फॉर्म डेवलप किया गया है। इसे सभी बच्चों को रोज भरना होगा। इसके जरिए स्टूडेंट के डाउट आईडेंटिफाई किए जा सकेंगे।

छात्र समस्याओं की शिकायत ऑनलाइन कर सकते हैं

इससे पहले रविवार को दो छात्रों की आत्महत्या के बाद जिला कलेक्टर ने घोषणा की थी कि कोचिंग संस्थानों में दो महीने तक कोई टेस्ट नहीं होगा। आदेश का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। निर्णय लिया गया कि बुधवार को छात्र तीन घंटे पढ़ाई करेंगे और बाकी समय फन एक्टिविटी होगी। काउंसलर की योग्यता की जांच होगी। बड़े पैमाने पर प्रेरक या वक्ता बुलाये जायेंगे। वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किए जाएंगे। कोचिंग में कोर्स कम करने के लिए विशेषज्ञ कमेटी बनाकर कोर्स कम करने के सुझाव लेंगे। छात्र समस्याओं की शिकायत ऑनलाइन कर सकते हैं। इसके लिए एक फॉर्म भरना होगा। इसके अलावा पुलिस ने छात्र थाना खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा है।

 

 

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