नई दिल्ली
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को बच्चों को मोबाइल फोन के उचित और नियंत्रित इस्तेमाल की सीख दी। हालांकि इससे पहले उन्होंने बच्चों से पूछा कि उनका स्क्रीम टाइम क्या है। इस सवाल पर वहां मौजूद बच्चे दाएं-बाएं देखने लगे। हालांकि कुछ बच्चों ने सकुचाते हुए तीन से चार घंटे बताया। इस पर प्रधान ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए ज्यादा स्क्रीन टाइम नुकसानदायक है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह भी अभिभावक है। ऐसे में जानते है बच्चे कैसे छुप-छुपकर या होमवर्क के बहाने मोबाइल पर घंटों लगे रहते है। केंद्रीय मंत्री प्रधान ने बच्चों से यह सवाल स्कूली बच्चों के बेहतर मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को लेकर यूनेस्को की मदद से एनसीईआरटी द्वारा तैयार की गई कामिक्स बुक के लां¨चग के मौके पर किया। इस दौरान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे मौजूद थे।
प्रधान ने कहा कि बच्चों को अहम विषयों को कामिक्स के रूप में पढ़ाने की यह पहल की गई है। बच्चों से रूबरू होते हुए प्रधान ने ज्यादातर समय चंद्रयान-3 को लेकर ही बात की व उनसे पूछा कि कितने बच्चों ने इसकी लाइव लैंडिंग देखी। साथ ही पूछा कि चांद पर जहां विक्रम लैंडर उतरा था उसे क्या नाम दिया गया है। इस पर सभी बच्चों ने जवाब दिया कि उसका नाम शिव शक्ति है। फिर उन्होंने पूछा कि विक्रम लैंडर से जो यंत्र बाहर निकला है उसका नाम क्या है।
इस पर बच्चों ने बताया कि उसका नाम रोवर प्रज्ञान है। प्रधान ने बच्चों से कहा कि यह देश और देश के वैज्ञानिकों की बड़ी सफलता है। इस मौके पर स्कूली शिक्षा सचिव संजय कुमार, एनसीईआरटी निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी व यूनेस्को के प्रतिनिधि बेनो बोयर भी मौजूद रहे।
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