उज्जैन
भारतीय थल सेना की पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता और डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) की महानिदेशक डॉ. चंद्रिका कौशिक ने महाकाल के दर्शन किए। शनिवार को दोनों उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। तड़के होने वाली भस्म आरती में शामिल हुए। नंदी हॉल में बैठकर आशीर्वाद लिया।
भस्म आरती खत्म होने के बाद उन्होंने चांदी द्वार से महाकाल के दर्शन किए। शनिवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गर्वनर शक्तिकांत दास, डिप्टी गवर्नर टी रविशंकर, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार के परिवार के साथ महाकाल मंदिर आने की उम्मीद है।
श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान तीन बजे मंदिर के कपाट खोले गए। जल से भगवान महाकाल का अभिषेक करने के पश्चात दूध, दही, घी, शक्कर, शहद, फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। भांग, चंदन, सूखे मेवों और आभूषणों से बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया।
मस्तक पर तिलक और चंदन का त्रिपुंड अर्पित कर भगवान महाकाल को भस्म चढ़ाई गई। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ सुगंधित पुष्प से बनी माला धारण कराई गई। फल और मिष्ठान का भोग लगाया।
महा निर्वाणी अखाड़े की और से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

