नई दिल्ली
मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह की अलग हुई गैर-बैंकिंग वित्तीय सेवा इकाई जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड को 7 सितंबर को निफ्टी 50, अन्य सूचकांकों से हटा दिया जाएगा। यह जानकारी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (NSE) ने दी है। एनएसई इंडेक्सेस लिमिटेड ने 20 जुलाई से डी-मर्जर प्रक्रिया के तहत जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड को अलग-अलग इंडेक्स में शामिल किया था। डी-मर्जर के एक महीने बाद जियो फाइनेंशियल को 21 अगस्त, 2023 को सूचीबद्ध किया गया था।
क्या कहता है नियम
नियमों के मुताबिक जियो फाइनेंशियल ने NSE पर 4 सितंबर, 2023 और 5 सितंबर, 2023 को लगातार दो कारोबारी दिनों में सर्किट लिमिट को हिट नहीं किया है। इस वजह से अब NSE इंडेक्स लिमिटेड की सूचकांक रखरखाव उपसमिति (इक्विटी) ने इस शेयर को बाहर करने का निर्णय लिया है। बता दें कि शेयर भाव में अधिक उतार-चढ़ाव की स्थिति से बचने के लिए जियो फाइनेंशियल को एनएसई के कई सूचकांकों का हिस्सा बनाया गया था। इससे शेयर के भाव पर निगरानी रखने में मदद मिली। अब यह शेयर निफ्टी50 के अलावा निफ्टी 100, निफ्टी 200 एवं निफ्टी 500 सूचकांकों से भी हटा दिया जाएगा।
सर्किट लिमिट भी बदला
हाल ही में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई ने जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर के लिए सर्किट सीमा को 5 प्रतिशत से संशोधित कर 20 प्रतिशत कर दिया है। इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि एक सत्र में कंपनी के शेयर के भाव में एक निश्चित सीमा से अधिक का उतार-चढ़ाव नहीं आए। किसी शेयर में ज्यादा उतार-चढ़ाव को नियंत्रण में रखने के लिए बीएसई द्वारा 'सर्किट' व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाता है। यह एक दिन में किसी शेयर में अधिकतम उतार-चढ़ाव की सीमा है। इसके अलावा, एक सितंबर को जियो फाइनेंशियल के शेयर को बेंचमार्क सेंसेक्स सहित सभी बीएसई सूचकांकों से हटा दिया गया था।
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