रायपुर
छत्तीसगढ़ को बड़ी उपलब्धता मिली है। आदिवासियों के क्षेत्र में आदिवासियों की महिलाओं और पुरुषों द्वारा तैयार की जाने वाली ढोलकरा कला (बेल मेटल आर्ट) का G20 समित में प्रदर्शन होगा। राजधानी दिल्ली में होने वाले G20 के उत्पादन बाजार में स्थान मिला हुआ है। बता दें कि दिल्ली की राजधानी दिल्ली के क्रॉफ्ट मार्केट में बिक्री सह प्रदर्शन स्टॉल में ढोलकरा कला की झलक देखने को मिलती है।
ढोलकरा आर्ट को बेल मेटल आर्ट भी कहा जाता है। पुरातत्व के पारंपरिक शिल्पकला में बेल मेटल कला का अहम स्थान है। यही वजह है कि विदेश में इस कला को पसंद करने वालों की संख्या बहुत ज्यादा ही जा रही है, इस कला के जनक कहे जाने वाले कोंडागांव जिले के शिल्पकार जयदेव चावला कई अंतरराष्ट्रीय मंच पर लोहा मनवा चुके हैं, और उन्हें बार-बार राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुके हैं मिल चुका है.
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