सरकार आचार संहिता से पहले किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण में रिक्त पदों को भरेगी

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल

विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के पहले राज्य सरकार ने किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समितियों में रिक्त पदों को भरने की कवायद शुरू कर दी है। 19 जिलों में विभिन्न रिक्त पदों को भरने के लिए प्रदेशभर के नागरिकों से आवेदन बुलाए गए है।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधान के अनुसार विधि का उल्लंघन करने वाले एवं देखरेख और संरक्षण में जरुरतमंद बालकों के प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रत्येक जिले में किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति के गठन का प्रावधान किया है। वर्तमान में 19 जिलों में विभिन्न पद खाली पड़े है। इन्हें भरने के लिए आवेदन बुलाए गए है। किशोर न्याय बोर्ड में सीहोर में एक, राजगढ़ में दो, शिवपुरी में एक, खरगौन में दो, कटनी में दो,मंडला, हरदा, देवास में दो-दो,डिंडौरी, सीधी, सिंगरौली, दमोह में एक-एक पद रिक्त है। इन सभी पदों को भरने के लिए आवेदन बुलाए गए है।

इसी तरह बाल कल्याण समितियों में खरगौन, कटनी, मंडला, हरनदा, उज्जैन, अनूपपुर, दमोह में पांच-पांच पद रिक्त है। इनमें एक अध्यक्ष और चार सदस्यों के पद है। एक पद महिला वर्ग के लिए है। राजगढ़ में चार,रायसेन में तीन, बड़वानी में दो, भोपाल,नर्मदापुरम, सागर, छतरपुर में एक-एक पद रिक्त पड़े हुए है।

ऐसे व्यक्ति होंगे तैनात
इन पदों पर 35 से 65 वर्ष की आयु वाले अशासकीय व्यक्तियों की तैनाती की जाएगी। किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य के लिए ऐसे व्यक्ति को रखा जाएगा जिसके पास शिक्षा, स्वास्थ्य या कल्याण कार्यकलापों में बालकों के साथ काम करने कासात वर्ष का अनुभव हो अथवा जो बाल मनोविज्ञान, मनोचिकित्सा या समाज विज्ञान या विधि डिग्री प्राप्त व्यवसायरत व्यक्ति हो। बाल कल्याण समिति के सदस्य के लिए भी पैतीस से पैसठ वर्ष के अशासकीय व्यक्ति की नियुक्ति होगी। ऐसे व्यक्ति जिनके पास बाल मनोविज्ञान, मनोचिकित्सा, कानून या सामाजिक कार्य या समाजशस्त्र या मानव स्वास्थ्य या शिक्षा या मानव विकास या विकलांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षा में डिग्री हो।

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